रोता देखकर वो ये कह के चल दिए कि, रोता तो हर कोई है क्या हम सब के हो जाएँ
बदल जाऊँगा मैं भी इक दिन पूरी तरह, तुम्हारे लिये न सही…तुम्हारी वजह से यकीनन!!!
रिश्ते वो होते हैं जिसमे शब्द कम और समझ ज्यादा हो......
हर बात पे ताना, हर अंदाज़ में गुस्सा, साफ़ क्यों नहीं कहते की मोहब्बत नहीं रही
क़दर करना सीख लो कहीं कोई थक ही न जाये तुम्हें एहसास दिलाते दिलाते
तेरी नाराज़गी वाजिब है दोस्त.. मैं भी खुद से खुश नहीं हूं आजकल...
रोता देखकर वो ये कह के चल दिए कि, रोता तो हर कोई है क्या हम सब के हो जाएँ
बदल जाऊँगा मैं भी इक दिन पूरी तरह, तुम्हारे लिये न सही…तुम्हारी वजह से यकीनन!!!
रिश्ते वो होते हैं जिसमे शब्द कम और समझ ज्यादा हो......
हर बात पे ताना, हर अंदाज़ में गुस्सा, साफ़ क्यों नहीं कहते की मोहब्बत नहीं रही
क़दर करना सीख लो कहीं कोई थक ही न जाये तुम्हें एहसास दिलाते दिलाते
तेरी नाराज़गी वाजिब है दोस्त.. मैं भी खुद से खुश नहीं हूं आजकल...