क़ोई ज़ुदा हो तो ऐसे ना हो, कि लौटने का भ्रम रह जाये

क़ोई ज़ुदा हो तो ऐसे ना हो, कि लौटने का भ्रम रह जाये

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कुछ लोग से आज कुछ तो सीखा, पहले अपने जैसा बनाते हैं ये, फिर अकेला छोड़ देते है ||

उन्हें नफरत हुयी सारे जहाँ से, अब नयी दुनिया लाये कहाँ से

एक थी समझने वाली मुझे ... अब वो भी समझदार हो गयी है

तेरी कसम सिर्फ तेरे हैं हम

साथी तो मुझे अपने सुख के लिए चाहिए दुखों के लिए तो मैं अकेला काफी हूँ !!

कीमत दोनों की चुकनी पड़ती है, बोलने की भी और चुप रहने की भी ..!!

कुछ लोग से आज कुछ तो सीखा, पहले अपने जैसा बनाते हैं ये, फिर अकेला छोड़ देते है ||

उन्हें नफरत हुयी सारे जहाँ से, अब नयी दुनिया लाये कहाँ से

एक थी समझने वाली मुझे ... अब वो भी समझदार हो गयी है

तेरी कसम सिर्फ तेरे हैं हम

साथी तो मुझे अपने सुख के लिए चाहिए दुखों के लिए तो मैं अकेला काफी हूँ !!

कीमत दोनों की चुकनी पड़ती है, बोलने की भी और चुप रहने की भी ..!!