वो दूर होकर भी पास हैं हमारी नहीं है फिर भी ख़ास है
किसी से हद से ज़्यादा उम्मीद लगाओगे तो एक दिन उस उम्मीद के साथ खुद भी टूट जाओगे
बडा गजब कीरदार है मोहब्बत का, अधूरी हो सकती है पर ख़त्म नहीं....
बहुत शोक था दुसरो को खुश रखने का होश तब आया जब खुद को अकेला पाया
मुझको धुंड लेता है रोज किसी बहानोंसे दर्द हो गया है वाक़िफ़ मेरे ठीकानोंसे
मैंने दोस्ती माँगी थी वो इश्क़ देकर बर्बाद कर गया
वो दूर होकर भी पास हैं हमारी नहीं है फिर भी ख़ास है
किसी से हद से ज़्यादा उम्मीद लगाओगे तो एक दिन उस उम्मीद के साथ खुद भी टूट जाओगे
बडा गजब कीरदार है मोहब्बत का, अधूरी हो सकती है पर ख़त्म नहीं....
बहुत शोक था दुसरो को खुश रखने का होश तब आया जब खुद को अकेला पाया
मुझको धुंड लेता है रोज किसी बहानोंसे दर्द हो गया है वाक़िफ़ मेरे ठीकानोंसे
मैंने दोस्ती माँगी थी वो इश्क़ देकर बर्बाद कर गया