अकेली रात बोलती बहुत है लेकिन सुन वही सकता है जो खुद भी अकेला हो

अकेली रात बोलती बहुत है लेकिन सुन वही सकता है जो खुद भी अकेला हो

Share:

More Like This

आज आयी है मेरी याद उसे ज़रूर फिर किसी ने उसे ठुकराया होगा.

मुझमें ही हौसला नहीं वरना .. छत का पंखा पुकारता है मुझे....

ज़िन्दगी में कुछ लोग ऐसे भी आते हैं हँसाते – रूलाते और देखते ही देखते दिल में बस जाते हैं फिर दूर जाने के बाद याद बहुत आते हैं ..

ज़िन्दगी ने तो एक बात सीखा दी की हम किसी के लिए हमेशा खास नहीं रह सकते

बात वफाओं की होती तो कभी न हारते, बात नीसब की थी, कुछ ना कर सके |

रोते हैं वो लोग जो मोहब्बत को दिल से निभाते हैं धोखा देने वाले तो दिल तोड़ कर अक्सर चैन से सो जाते हैं

आज आयी है मेरी याद उसे ज़रूर फिर किसी ने उसे ठुकराया होगा.

मुझमें ही हौसला नहीं वरना .. छत का पंखा पुकारता है मुझे....

ज़िन्दगी में कुछ लोग ऐसे भी आते हैं हँसाते – रूलाते और देखते ही देखते दिल में बस जाते हैं फिर दूर जाने के बाद याद बहुत आते हैं ..

ज़िन्दगी ने तो एक बात सीखा दी की हम किसी के लिए हमेशा खास नहीं रह सकते

बात वफाओं की होती तो कभी न हारते, बात नीसब की थी, कुछ ना कर सके |

रोते हैं वो लोग जो मोहब्बत को दिल से निभाते हैं धोखा देने वाले तो दिल तोड़ कर अक्सर चैन से सो जाते हैं