कोई भी सफर कभी खत्म नही होता या तो रास्ता बदल जाता है या फिर वास्ता ख़त्म हो जाता है
बुरा हमें भी लगता है बस तुम्हे एहसास नहीं होने देते
होने वाले ख़ुद ही अपने हो जाते हैं.. किसी को कहकर, अपना बनाया नही जाता..!!
क्यूँ दुनिया वाले प्यार को ईश्वर का दर्जा देते है ? मैंने तो आज तक नहीं सुना कि ईश्वर ने बेवफ़ाई की हो !!
बहुत तकलीफ होती है उस वक़्त जब तुम सब से बात करते हो सिर्फ मुझे छोड़ कर.
दिल के रिश्ते कभी नहीं टूटते.. बस खामोश हो जाते है..
कोई भी सफर कभी खत्म नही होता या तो रास्ता बदल जाता है या फिर वास्ता ख़त्म हो जाता है
बुरा हमें भी लगता है बस तुम्हे एहसास नहीं होने देते
होने वाले ख़ुद ही अपने हो जाते हैं.. किसी को कहकर, अपना बनाया नही जाता..!!
क्यूँ दुनिया वाले प्यार को ईश्वर का दर्जा देते है ? मैंने तो आज तक नहीं सुना कि ईश्वर ने बेवफ़ाई की हो !!
बहुत तकलीफ होती है उस वक़्त जब तुम सब से बात करते हो सिर्फ मुझे छोड़ कर.
दिल के रिश्ते कभी नहीं टूटते.. बस खामोश हो जाते है..