क़ोई ज़ुदा हो तो ऐसे ना हो, कि लौटने का भ्रम रह जाये
नफरत मत करना हमसे, हमे बुरा लगेगा, बस प्यार से कह देना, अब तेरी जरूरत नहीं हैं .
सब अपने से लगते है, लेकिन सिर्फ बातों से ..!
वो हर बात मुझसे छुपाने लगे हैं, वो मेरे हिस्से का वक़त किसी और के साथ बिताने लगे हैं
अजीब तरह से गुजर रही है ज़िंदगी .. सोचा कुछ, किया कुछ हुआ कुछ, मिला कुछ ..
रिश्ते वो होते हैं जिसमे शब्द कम और समझ ज्यादा हो......
क़ोई ज़ुदा हो तो ऐसे ना हो, कि लौटने का भ्रम रह जाये
नफरत मत करना हमसे, हमे बुरा लगेगा, बस प्यार से कह देना, अब तेरी जरूरत नहीं हैं .
सब अपने से लगते है, लेकिन सिर्फ बातों से ..!
वो हर बात मुझसे छुपाने लगे हैं, वो मेरे हिस्से का वक़त किसी और के साथ बिताने लगे हैं
अजीब तरह से गुजर रही है ज़िंदगी .. सोचा कुछ, किया कुछ हुआ कुछ, मिला कुछ ..
रिश्ते वो होते हैं जिसमे शब्द कम और समझ ज्यादा हो......