समेट कर सारे जज़्बात रख दिये सिरहाने थोड़े सुकून के हक़दार हम भी हैं...

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काटे तो नसीब में आने ही थे.. फूल जो गुलाब चुना था हमने..

आंधी आती है, तो पेड़ से पत्ते टूट जाते है नया बाबू मिलते ही पुराने छूट जाते हैं

जान ले लेता है वो एक छोटा सा पल भी, जब बेहिसाब प्यार के बाद वो कहे की हम कभी एक नहीं हो सकते..

ज़िन्दगी चैन से गुज़र जाए , तू अगर ज़हन से उतर जाए

पास आकर सभी दूर चले जाते हैं, हम अकेले थे अकेले ही रह जाते हैं, दिल का दर्द किसे दिखाएं, मरहम लगाने वाले ही जख्म दे जाते हैं |

माफ़ी गलती की होती है, ज़िंदा लाश बनाने की नहीं

काटे तो नसीब में आने ही थे.. फूल जो गुलाब चुना था हमने..

आंधी आती है, तो पेड़ से पत्ते टूट जाते है नया बाबू मिलते ही पुराने छूट जाते हैं

जान ले लेता है वो एक छोटा सा पल भी, जब बेहिसाब प्यार के बाद वो कहे की हम कभी एक नहीं हो सकते..

ज़िन्दगी चैन से गुज़र जाए , तू अगर ज़हन से उतर जाए

पास आकर सभी दूर चले जाते हैं, हम अकेले थे अकेले ही रह जाते हैं, दिल का दर्द किसे दिखाएं, मरहम लगाने वाले ही जख्म दे जाते हैं |

माफ़ी गलती की होती है, ज़िंदा लाश बनाने की नहीं