कुछ कह गए, कुछ सह गए, कुछ कहते कहते रह गए..❗️ मै सही तुम गलत के खेल में, न जाने कितने रिश्ते ढह गए..‼️

कुछ कह गए, कुछ सह गए, कुछ कहते कहते रह गए..❗️ मै सही तुम गलत के खेल में, न जाने कितने रिश्ते ढह गए..‼️

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कैसे गुज़र रही है सब पूछते है, कैसे गुजारता हु कोई नहीं पूछता |

कितने अनमोल होते हैं ये अपनों के रिश्ते कोई याद न करे तो भी इंतज़ार रहता है

हादसे कुछ दिल पे ऐसे हो गए, हम समुन्दर से भी गहरे हो गए

मत पूछ कैसे गुजर रही है जिंदगी, उस दौर से गुजर रहा हूँ जो गुजरता ही नहीं है

बस एक बार, उलझना है तुमसे, बहुत कुछ, सुलझाने के लिये

कुछ बुरी आदतें ता उम्र साथ नहीं छोड़ती....बस उन्हीं आदतों मे से एक है वो..!!?

कैसे गुज़र रही है सब पूछते है, कैसे गुजारता हु कोई नहीं पूछता |

कितने अनमोल होते हैं ये अपनों के रिश्ते कोई याद न करे तो भी इंतज़ार रहता है

हादसे कुछ दिल पे ऐसे हो गए, हम समुन्दर से भी गहरे हो गए

मत पूछ कैसे गुजर रही है जिंदगी, उस दौर से गुजर रहा हूँ जो गुजरता ही नहीं है

बस एक बार, उलझना है तुमसे, बहुत कुछ, सुलझाने के लिये

कुछ बुरी आदतें ता उम्र साथ नहीं छोड़ती....बस उन्हीं आदतों मे से एक है वो..!!?