कैसे बनाऊँ तेरी यादों से दूरियां .......दो कदम जाकर सौ कदम लौट आती हूँ .......
ये जो ज़िन्दगी है ना. तेरे बिन अधूरी है
कोई तो कर रहा है मेरी कमी पूरी तभी मेरी याद उसे अब नहीं आती ..
आज सोचा कि…. कुछ तेरे सिवा सोचूँ ..!!!. अभी तक इसी सोच में हूँ कि क्या सोचूँ ..!!!
दोबारा इश्क़ हुआ तो तुझसे हे होगा खफा हूँ मैं बेवफा नहीं
वो मन बना चुके थे दूर जाने का, हमे लगा हमे मनाना नहीं आता
कैसे बनाऊँ तेरी यादों से दूरियां .......दो कदम जाकर सौ कदम लौट आती हूँ .......
ये जो ज़िन्दगी है ना. तेरे बिन अधूरी है
कोई तो कर रहा है मेरी कमी पूरी तभी मेरी याद उसे अब नहीं आती ..
आज सोचा कि…. कुछ तेरे सिवा सोचूँ ..!!!. अभी तक इसी सोच में हूँ कि क्या सोचूँ ..!!!
दोबारा इश्क़ हुआ तो तुझसे हे होगा खफा हूँ मैं बेवफा नहीं
वो मन बना चुके थे दूर जाने का, हमे लगा हमे मनाना नहीं आता