बस एक भूलने का हुनर ही तो नहीं आता...वरना भूलना तो हम भी बहुत कुछ चाहते हैं...!
रोज रोते रोज़ ये कहती है जिंदगी मुझसे, सिर्फ एक शख्स की खातिर यूँ मुझे बर्बाद ना कर।
काम तो कुछ करती नहीं थक जाती हूँ बस तुम्हेे सोचते सोचते...।।
शाम नहीं पर बात वही. तू नहीं तो तेरी याद सही.
ये जो ज़िन्दगी है ना. तेरे बिन अधूरी है
मरता था जिनके लिए वो अब मर गए है मेरे लिए.
बस एक भूलने का हुनर ही तो नहीं आता...वरना भूलना तो हम भी बहुत कुछ चाहते हैं...!
रोज रोते रोज़ ये कहती है जिंदगी मुझसे, सिर्फ एक शख्स की खातिर यूँ मुझे बर्बाद ना कर।
काम तो कुछ करती नहीं थक जाती हूँ बस तुम्हेे सोचते सोचते...।।
शाम नहीं पर बात वही. तू नहीं तो तेरी याद सही.
ये जो ज़िन्दगी है ना. तेरे बिन अधूरी है
मरता था जिनके लिए वो अब मर गए है मेरे लिए.