जीतने वाले लाभ देखते हैं, हारने वाले दर्द. ||
सच में हंसने के लिए आपको अपनी पीड़ा के साथ खेलने में सक्षम होना चाहिए . ||
इस तरह मेरी तरफ मेरा मसीहा देखे, दर्द दिल में ही रहे और दवा हो जाए।
मेरी आँख ही नही मेरी आत्मा भी रोती है जब मेरी माँ घर के कोने में छुपकर रोती है आँसू पौंछती है अपने ही दामन के किनोर से चीख पड़ती हूँ मैं जब वो रोकर खामोश होती है.
कभी भी अपना दर्द सबको न बतायें क्योंकि सबके घर पर मरहम नहीं होता, मगर नमक हर एक के घर होता है!!
कोई मरहम नहीं चाहिये, जख्म मिटाने के लिये, बस तेरी एक झलक ही काफी है, मेरे दर्द को भुलाने के लिये ।
जीतने वाले लाभ देखते हैं, हारने वाले दर्द. ||
सच में हंसने के लिए आपको अपनी पीड़ा के साथ खेलने में सक्षम होना चाहिए . ||
इस तरह मेरी तरफ मेरा मसीहा देखे, दर्द दिल में ही रहे और दवा हो जाए।
मेरी आँख ही नही मेरी आत्मा भी रोती है जब मेरी माँ घर के कोने में छुपकर रोती है आँसू पौंछती है अपने ही दामन के किनोर से चीख पड़ती हूँ मैं जब वो रोकर खामोश होती है.
कभी भी अपना दर्द सबको न बतायें क्योंकि सबके घर पर मरहम नहीं होता, मगर नमक हर एक के घर होता है!!
कोई मरहम नहीं चाहिये, जख्म मिटाने के लिये, बस तेरी एक झलक ही काफी है, मेरे दर्द को भुलाने के लिये ।