अपने दिल में किसीको खास जगह मत दो, उस जगह को देना आसान है, पर जब सामने वाले को इसकी कदर ना हो तब दर्द बहुत ज़्यादा होता है।
आप कर भी क्या सकते है, जब..... वो इंसान, जो आपका रोना बंद कर सकता है, बही आपको रुला रहा है...
हँसते-हँसते जिसने मेरे हर दर्द को संभाला है उसी माँ को मैने कमरे में अकेले रोते पाया है
वह जो अपने परिवार से अत्यधिक जुड़ा हुआ है, उसे भय और चिंता का सामना करना पड़ता है, क्योंकि सभी दुखों कि जड़ लगाव है. इसलिए खुश रहने कि लिए लगाव छोड़ देना चाहिए.
तुमपे भरोसा करने की कीमत, हम अब आसुओ से चुका रहे है।
दर्द तो तब होता है, जब आपको पता चलता है.... कि आप उनके लिए अब उतने ज़रूरी नहीं रहे, जितना की आप कभी हुआ करते थे।
अपने दिल में किसीको खास जगह मत दो, उस जगह को देना आसान है, पर जब सामने वाले को इसकी कदर ना हो तब दर्द बहुत ज़्यादा होता है।
आप कर भी क्या सकते है, जब..... वो इंसान, जो आपका रोना बंद कर सकता है, बही आपको रुला रहा है...
हँसते-हँसते जिसने मेरे हर दर्द को संभाला है उसी माँ को मैने कमरे में अकेले रोते पाया है
वह जो अपने परिवार से अत्यधिक जुड़ा हुआ है, उसे भय और चिंता का सामना करना पड़ता है, क्योंकि सभी दुखों कि जड़ लगाव है. इसलिए खुश रहने कि लिए लगाव छोड़ देना चाहिए.
तुमपे भरोसा करने की कीमत, हम अब आसुओ से चुका रहे है।
दर्द तो तब होता है, जब आपको पता चलता है.... कि आप उनके लिए अब उतने ज़रूरी नहीं रहे, जितना की आप कभी हुआ करते थे।