निकले जब आँसु आपकी आँखों से, दिल करता है सारी दुनिया जला दु, फिर सोचता हुँ होंगे दुनिया मे आपके भी अपने, कही अनजाने मे तुम्हे और ना रुला दु…
निकल जाते हैं तब आँसू जब उनकी याद आती है, जमाना मुस्कुराता है मोहब्बत रूठ जाती है।
जब लफ्ज़ थक गए तो फिर आँखों ने बात की, जो आँखें भी थक गयीं तो अश्कों से बात हुई।
आज अश्क से आँखों में क्यों हैं आये हुए, गुजर गया है ज़माना तुझे भुलाये हुए।
यु ही हम दिल साफ़ रखते थे, पता नहीं था क कीमत चेहरे की थी
समंदर में उतरता हूँ तो आँखें भीग जाती हैं, तेरी आँखों को पढ़ता हूँ तो आँखें भीग जाती हैं, तुम्हारा नाम लिखने की इजाज़त छिन गई जबसे, कोई भी लफ्ज़ लिखता हूँ तो आँखें भीग जाती हैं।
निकले जब आँसु आपकी आँखों से, दिल करता है सारी दुनिया जला दु, फिर सोचता हुँ होंगे दुनिया मे आपके भी अपने, कही अनजाने मे तुम्हे और ना रुला दु…
निकल जाते हैं तब आँसू जब उनकी याद आती है, जमाना मुस्कुराता है मोहब्बत रूठ जाती है।
जब लफ्ज़ थक गए तो फिर आँखों ने बात की, जो आँखें भी थक गयीं तो अश्कों से बात हुई।
आज अश्क से आँखों में क्यों हैं आये हुए, गुजर गया है ज़माना तुझे भुलाये हुए।
यु ही हम दिल साफ़ रखते थे, पता नहीं था क कीमत चेहरे की थी
समंदर में उतरता हूँ तो आँखें भीग जाती हैं, तेरी आँखों को पढ़ता हूँ तो आँखें भीग जाती हैं, तुम्हारा नाम लिखने की इजाज़त छिन गई जबसे, कोई भी लफ्ज़ लिखता हूँ तो आँखें भीग जाती हैं।