तेरी नफ़रत ने ये क्या सिला दिया मुझे.. ज़हर गम-इ-जुदाई का पिला दिया मुझे….

तेरी नफ़रत ने ये क्या सिला दिया मुझे.. ज़हर गम-इ-जुदाई का पिला दिया मुझे….

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जीवन बहुत छोटा है, अगर हम रोते हैं!

कभी कभी बहुत सताता है यह सवाल मुझे, हम मिले ही क्यों थे, जब हमें मिलना ही नहीं था

तू इश्क की दूसरी निशानी दे दे मुझको, आँसू तो रोज गिर कर सूख जाते हैं।

चलो अच्छा हुआ कि धुंध पड़ने लगी दूर तक तकती रहती थी निगाहें उसे।

सोचा ही नहीं था जिंदगी में ऐसे भी फसाने होंगे, रोना भी जरुरी होगा आँसू भी छुपाने होंगे।

जिंदगी बहुत छोटी है इसे, दुखी रहकर बर्बाद न करे, स्वछंद रहे, खुश रहे, वो करे जो आप करना चाहते है…

जीवन बहुत छोटा है, अगर हम रोते हैं!

कभी कभी बहुत सताता है यह सवाल मुझे, हम मिले ही क्यों थे, जब हमें मिलना ही नहीं था

तू इश्क की दूसरी निशानी दे दे मुझको, आँसू तो रोज गिर कर सूख जाते हैं।

चलो अच्छा हुआ कि धुंध पड़ने लगी दूर तक तकती रहती थी निगाहें उसे।

सोचा ही नहीं था जिंदगी में ऐसे भी फसाने होंगे, रोना भी जरुरी होगा आँसू भी छुपाने होंगे।

जिंदगी बहुत छोटी है इसे, दुखी रहकर बर्बाद न करे, स्वछंद रहे, खुश रहे, वो करे जो आप करना चाहते है…