कभी कभी बहुत सताता है यह सवाल मुझे, हम मिले ही क्यों थे, जब हमें मिलना ही नहीं था

कभी कभी बहुत सताता है यह सवाल मुझे, हम मिले ही क्यों थे, जब हमें मिलना ही नहीं था

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जार सी ज़िन्दगी है अरमान बहुत है, हमदर्द कोई नहीं यह, इंसान बहुत है, दिल का दर्द सुनाएं तो सुनाये किसको, जो दिल के करीब है वो अनजान बहुत है.

सपने वो होते है जो सोने नहीं देते, और अपने वो होते है जो रोने नहीं देते…

बहुत ज्यादा हॅसने और खुश नज़र आने वाले लोग…. अंदर से टूटे होते है

आज अश्क से आँखों में क्यों हैं आये हुए, गुजर गया है ज़माना तुझे भुलाये हुए।

ये तो इश्क़ का कोई लोकतंत्र नहीं होता, वरना रिश्वत देके तुझे अपना बना लेते

जिंदगी मे बहुत बार ऎसा वक्त आयेगा, जब आपका चाहनेवाला ही आपको रुलायेगा, मगर विश्वास रखना उसकी वफा पे, अकेले मे वो आपसे ज्यादा आँसू बहायेगा…

जार सी ज़िन्दगी है अरमान बहुत है, हमदर्द कोई नहीं यह, इंसान बहुत है, दिल का दर्द सुनाएं तो सुनाये किसको, जो दिल के करीब है वो अनजान बहुत है.

सपने वो होते है जो सोने नहीं देते, और अपने वो होते है जो रोने नहीं देते…

बहुत ज्यादा हॅसने और खुश नज़र आने वाले लोग…. अंदर से टूटे होते है

आज अश्क से आँखों में क्यों हैं आये हुए, गुजर गया है ज़माना तुझे भुलाये हुए।

ये तो इश्क़ का कोई लोकतंत्र नहीं होता, वरना रिश्वत देके तुझे अपना बना लेते

जिंदगी मे बहुत बार ऎसा वक्त आयेगा, जब आपका चाहनेवाला ही आपको रुलायेगा, मगर विश्वास रखना उसकी वफा पे, अकेले मे वो आपसे ज्यादा आँसू बहायेगा…