समंदर में उतरता हूँ तो आँखें भीग जाती हैं, तेरी आँखों को पढ़ता हूँ तो आँखें भीग जाती हैं, तुम्हारा नाम लिखने की इजाज़त छिन गई जबसे, कोई भी लफ्ज़ लिखता हूँ तो आँखें भीग जाती हैं।

समंदर में उतरता हूँ तो आँखें भीग जाती हैं, तेरी आँखों को पढ़ता हूँ तो आँखें भीग जाती हैं, तुम्हारा नाम लिखने की इजाज़त छिन गई जबसे, कोई भी लफ्ज़ लिखता हूँ तो आँखें भीग जाती हैं।

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जिंदगी बहुत छोटी है इसे, दुखी रहकर बर्बाद न करे, स्वछंद रहे, खुश रहे, वो करे जो आप करना चाहते है…

यु ही हम दिल साफ़ रखते थे, पता नहीं था क कीमत चेहरे की थी

आँसू की कीमत वो क्या जाने, जो हर बात पे आँसू बहाते है, इसकी कीमत तो उनसे पूँछो, जो गम में भी मुस्कुराते है…

आ देख मेरी आँखों के ये भीगे हुए मौसम, ये किसने कह दिया कि तुम्हें भूल गये हम।

रोज पिलाता हूं एक जहर का प्याला उसे एक दर्द जो दिल में मरता ही नहीं है।..

निकल जाते हैं तब आँसू जब उनकी याद आती है, जमाना मुस्कुराता है मोहब्बत रूठ जाती है।

जिंदगी बहुत छोटी है इसे, दुखी रहकर बर्बाद न करे, स्वछंद रहे, खुश रहे, वो करे जो आप करना चाहते है…

यु ही हम दिल साफ़ रखते थे, पता नहीं था क कीमत चेहरे की थी

आँसू की कीमत वो क्या जाने, जो हर बात पे आँसू बहाते है, इसकी कीमत तो उनसे पूँछो, जो गम में भी मुस्कुराते है…

आ देख मेरी आँखों के ये भीगे हुए मौसम, ये किसने कह दिया कि तुम्हें भूल गये हम।

रोज पिलाता हूं एक जहर का प्याला उसे एक दर्द जो दिल में मरता ही नहीं है।..

निकल जाते हैं तब आँसू जब उनकी याद आती है, जमाना मुस्कुराता है मोहब्बत रूठ जाती है।