सुना है काफी पढ़ लिख गए हो तुम, कभी वो बी पढ़ो जो हम कह नहीं पाते.

सुना है काफी पढ़ लिख गए हो तुम, कभी वो बी पढ़ो जो हम कह नहीं पाते.

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रात भर जलता रहा यह दिल उसी की याद में.. समझ नही आता दर्द प्यार करने से होता है या याद करने से

मुजे ऊंचाइयों पर देखकर हैरान है बहुत लोग, पर किसी ने मेरे पैरो के छाले नहीं देखे.

दिल किसी से तब ही लगाना जब दिलों को पढ़ना सीख लो; वरना हर एक चेहरे की फितरत में ईमानदारी नहीं होती.

तेरे बिना में ये दुनिया छोड तो दूं, पर उसका दिल कैसे दुखा दुं, जो रोज दरवाजे पर खडी केहती हे बेटा घर जल्दी आ जाना…

जिंदगी में कुछ ऐसे लोग भी मिलते हैं, जिन्हें हम पा नही सकते सिर्फ चाह सकते हैं।

मोहब्बत तो दिल से की थी, दिमाग उसने लगा लिया दिल तोड दिया मेरा उसने और इल्जाम मुझपर लगा दिया.

रात भर जलता रहा यह दिल उसी की याद में.. समझ नही आता दर्द प्यार करने से होता है या याद करने से

मुजे ऊंचाइयों पर देखकर हैरान है बहुत लोग, पर किसी ने मेरे पैरो के छाले नहीं देखे.

दिल किसी से तब ही लगाना जब दिलों को पढ़ना सीख लो; वरना हर एक चेहरे की फितरत में ईमानदारी नहीं होती.

तेरे बिना में ये दुनिया छोड तो दूं, पर उसका दिल कैसे दुखा दुं, जो रोज दरवाजे पर खडी केहती हे बेटा घर जल्दी आ जाना…

जिंदगी में कुछ ऐसे लोग भी मिलते हैं, जिन्हें हम पा नही सकते सिर्फ चाह सकते हैं।

मोहब्बत तो दिल से की थी, दिमाग उसने लगा लिया दिल तोड दिया मेरा उसने और इल्जाम मुझपर लगा दिया.