कितने अनमोल होते हैं ये अपनों के रिश्ते कोई याद न करे तो भी इंतज़ार रहता है
ज़िन्दगी के हाथ नहीं होते.. लेकिन कभी कभी वो ऐसा थप्पड़ मारती हैं जो पूरी उम्र याद रहता है
दिल मेरा उसने ये कहकर वापस कर दिया... दुसरा दिजीए... ये तो टुटा हुआ है....
ऐ दिल तू क्यों रोता है, ये दुनिया है यहाँ ऐसा ही होता है.
वो जान गया हमें दर्द में भी मुस्कुराने की आदत है; इसलिए वो रोज़ नया दुःख देता है मेरी ख़ुशी के लिए।
याद तो रोज करते है उन्हें, पर उन्होने कभी महसूस ही न किया.. ?
कितने अनमोल होते हैं ये अपनों के रिश्ते कोई याद न करे तो भी इंतज़ार रहता है
ज़िन्दगी के हाथ नहीं होते.. लेकिन कभी कभी वो ऐसा थप्पड़ मारती हैं जो पूरी उम्र याद रहता है
दिल मेरा उसने ये कहकर वापस कर दिया... दुसरा दिजीए... ये तो टुटा हुआ है....
ऐ दिल तू क्यों रोता है, ये दुनिया है यहाँ ऐसा ही होता है.
वो जान गया हमें दर्द में भी मुस्कुराने की आदत है; इसलिए वो रोज़ नया दुःख देता है मेरी ख़ुशी के लिए।
याद तो रोज करते है उन्हें, पर उन्होने कभी महसूस ही न किया.. ?