वो मन बना चुके थे दूर जाने का, हमे लगा हमे मनाना नहीं आता
तुम चाहते तो निभा भी सकते थे, मगर तुमने ऐसा कभी चाहा ही नहीं.
तेरी मोहब्बत को कभी खेल नही समजा, वरना खेल तो इतने खेले है कि कभी हारे नही….!
उसने कहा तुम सबसे अलग हो, सच कहा और कर दिया मुझे सबसे अलग |
लाख तेरे चाहने वाले होंगे मगर तुझे महसूस सिर्फ मैंने किया है
कभी टूटा नहीं मेरे दिल से तेरी यादों का रिश्ता.. गुफ़्तगू किसी से भी हो ख़याल तेरा ही रहता है..
वो मन बना चुके थे दूर जाने का, हमे लगा हमे मनाना नहीं आता
तुम चाहते तो निभा भी सकते थे, मगर तुमने ऐसा कभी चाहा ही नहीं.
तेरी मोहब्बत को कभी खेल नही समजा, वरना खेल तो इतने खेले है कि कभी हारे नही….!
उसने कहा तुम सबसे अलग हो, सच कहा और कर दिया मुझे सबसे अलग |
लाख तेरे चाहने वाले होंगे मगर तुझे महसूस सिर्फ मैंने किया है
कभी टूटा नहीं मेरे दिल से तेरी यादों का रिश्ता.. गुफ़्तगू किसी से भी हो ख़याल तेरा ही रहता है..