कितनी महँगी पड़ी मुझे मुस्कुराने की अदा, सब अकेला छोड़ गए मुझे ये कहकर क़ि तुम तो अकेले भी खुश रह लेते हो
बस तेरी कामि है ए मौत, दिल वो ले गयी जान तू ले जा..
मुझ से पहले भी उसका कोई था मेरे बाद भी उसका कोई है
रात नई हैं, यादें पुरानी!
कुछ बुरी आदतें ता उम्र साथ नहीं छोड़ती....बस उन्हीं आदतों मे से एक है वो..!!?
बदल दिया है मुझे मेरे चाहने वालो ने ही… वरना मुझ जैसे शख्स में इतनी खामोशी कहाँ थी...
कितनी महँगी पड़ी मुझे मुस्कुराने की अदा, सब अकेला छोड़ गए मुझे ये कहकर क़ि तुम तो अकेले भी खुश रह लेते हो
बस तेरी कामि है ए मौत, दिल वो ले गयी जान तू ले जा..
मुझ से पहले भी उसका कोई था मेरे बाद भी उसका कोई है
रात नई हैं, यादें पुरानी!
कुछ बुरी आदतें ता उम्र साथ नहीं छोड़ती....बस उन्हीं आदतों मे से एक है वो..!!?
बदल दिया है मुझे मेरे चाहने वालो ने ही… वरना मुझ जैसे शख्स में इतनी खामोशी कहाँ थी...