तेरी बेरुखी ने छीन ली है शरारतें मेरी..और लोग समझते हैं कि मैं सुधर गया हूँ..!!!
लाख तेरे चाहने वाले होंगे मगर तुझे महसूस सिर्फ मैंने किया है
काश ये दिल बेजान होता…न किसी के आने से धडकता…न किसी के जाने से तडपता…!
आज सारा दिन उदास गुजर गया, अभी रात की सजा बाकि है....
कुछ कह गए, कुछ सह गए, कुछ कहते कहते रह गए..❗️ मै सही तुम गलत के खेल में, न जाने कितने रिश्ते ढह गए..‼️
बहुत शौक से उतरे थे इश्क के समुन्दर में.. पहली ही लहर ने ऐसा डुबोया कि आज तक किनारा ना मिला
तेरी बेरुखी ने छीन ली है शरारतें मेरी..और लोग समझते हैं कि मैं सुधर गया हूँ..!!!
लाख तेरे चाहने वाले होंगे मगर तुझे महसूस सिर्फ मैंने किया है
काश ये दिल बेजान होता…न किसी के आने से धडकता…न किसी के जाने से तडपता…!
आज सारा दिन उदास गुजर गया, अभी रात की सजा बाकि है....
कुछ कह गए, कुछ सह गए, कुछ कहते कहते रह गए..❗️ मै सही तुम गलत के खेल में, न जाने कितने रिश्ते ढह गए..‼️
बहुत शौक से उतरे थे इश्क के समुन्दर में.. पहली ही लहर ने ऐसा डुबोया कि आज तक किनारा ना मिला