लोग कहते है हम मुस्कराते बहुत है…और हम थक गए दर्द छुपाते छुपाते…

लोग कहते है हम मुस्कराते बहुत है…और हम थक गए दर्द छुपाते छुपाते…

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मुझे भी सिखा दो भूल जाने का हुनर मैं थक गया हूँ हर लम्हा हर सांस तुम्हे याद करते करते

हजारो चेहरों में उसकी झलक मिली मुझको.. पर. दिल भी जिद पे अड़ा था कि अगर बो नहीं, तो उसके जैसा भी नहीं।

मुझे छोड़ने की वजह तो बता देते मुझसे नाराज़ थे या मुझ जैसे हज़ार थे

बहुत कुछ लिखना है पर लफ्ज़ खामोश है।

खुशीयां तो कब से रूठ गई हैं मुझसे, काश इन गमों को भी कीसी की नजर लग जाये ।

कुछ नहीं लिखने को आज.... न बात, न ज़ज्बात

मुझे भी सिखा दो भूल जाने का हुनर मैं थक गया हूँ हर लम्हा हर सांस तुम्हे याद करते करते

हजारो चेहरों में उसकी झलक मिली मुझको.. पर. दिल भी जिद पे अड़ा था कि अगर बो नहीं, तो उसके जैसा भी नहीं।

मुझे छोड़ने की वजह तो बता देते मुझसे नाराज़ थे या मुझ जैसे हज़ार थे

बहुत कुछ लिखना है पर लफ्ज़ खामोश है।

खुशीयां तो कब से रूठ गई हैं मुझसे, काश इन गमों को भी कीसी की नजर लग जाये ।

कुछ नहीं लिखने को आज.... न बात, न ज़ज्बात