ख़ामोशी बहुत कुछ कहती हे कान लगाकर नहीं, दिल लगाकर सुनो।

ख़ामोशी बहुत कुछ कहती हे कान लगाकर नहीं, दिल लगाकर सुनो।

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तरसेगा जब दिल तुम्हारा, मेरी मुलाकात को, ख्वाबों मे होंगे तुम्हारे हम, उसी रात को.

मोहब्बत ज़िंदगी बदल देती है, मिल जाए तो भी ना मिले तो भी..!!

मुजे ऊंचाइयों पर देखकर हैरान है बहुत लोग, पर किसी ने मेरे पैरो के छाले नहीं देखे.

वो बोलते रहे हम सुनते रहे, जवाब आँखों में था वो जुबान में ढूंढते रहे.

हाथ की लकीरें भी कितनी अजीब हैं, हाथ के अन्दर हैं पर काबू से बाहर.

जिंदगी मेरे कानो मे अभी होले से कुछ कह गई, उन रिश्तो को संभाले रखना जिनके बिन गुज़ारा नहीं होता.

तरसेगा जब दिल तुम्हारा, मेरी मुलाकात को, ख्वाबों मे होंगे तुम्हारे हम, उसी रात को.

मोहब्बत ज़िंदगी बदल देती है, मिल जाए तो भी ना मिले तो भी..!!

मुजे ऊंचाइयों पर देखकर हैरान है बहुत लोग, पर किसी ने मेरे पैरो के छाले नहीं देखे.

वो बोलते रहे हम सुनते रहे, जवाब आँखों में था वो जुबान में ढूंढते रहे.

हाथ की लकीरें भी कितनी अजीब हैं, हाथ के अन्दर हैं पर काबू से बाहर.

जिंदगी मेरे कानो मे अभी होले से कुछ कह गई, उन रिश्तो को संभाले रखना जिनके बिन गुज़ारा नहीं होता.