सुनो ना… हम पर मोहब्बत नही आती तुम्हें, रहम तो आता होगा?
जिंदगी मेरे कानो मे अभी होले से कुछ कह गई, उन रिश्तो को संभाले रखना जिनके बिन गुज़ारा नहीं होता.
कभी टूट कर बिखरो तो मेरे पास आ जाना, मुझे अपने जैसे लोग बहुत पसंद हैं
कल रात मैंने अपने दिल से भी रिश्ता तोड़ दिया, पागल तेरे को भूल जाने की सलाह दे रहा था.
तेरी दुनिया का यह दस्तूर भी अजीब है ए खुदा, मोहब्बत उनको मिलती है, जिन्हें करनी नहीं आती.
टूटे हुए सपनो और छुटे हुए अपनों ने मार दिया वरना ख़ुशी खुद हमसे मुस्कुराना सिखने आया करती थी !!
सुनो ना… हम पर मोहब्बत नही आती तुम्हें, रहम तो आता होगा?
जिंदगी मेरे कानो मे अभी होले से कुछ कह गई, उन रिश्तो को संभाले रखना जिनके बिन गुज़ारा नहीं होता.
कभी टूट कर बिखरो तो मेरे पास आ जाना, मुझे अपने जैसे लोग बहुत पसंद हैं
कल रात मैंने अपने दिल से भी रिश्ता तोड़ दिया, पागल तेरे को भूल जाने की सलाह दे रहा था.
तेरी दुनिया का यह दस्तूर भी अजीब है ए खुदा, मोहब्बत उनको मिलती है, जिन्हें करनी नहीं आती.
टूटे हुए सपनो और छुटे हुए अपनों ने मार दिया वरना ख़ुशी खुद हमसे मुस्कुराना सिखने आया करती थी !!