इस बारिश के मौसम में अजीब सी कशिश है ना चाहते हुए भी कोई शिदत से याद आता है.
कोई नही आऐगा मेरी जिदंगी मे तुम्हारे सिवा, एक मौत ही है जिसका मैं वादा नही करता…
एक हसरत थी की कभी वो भी हमे मनाये..पर ये कम्ब्खत Dil कभी उनसे रूठा ही नही.
तरस गए हैं तेरे Muh से कुछ सुनने को हम, Pyaar की बात न सही कोई शिकायत ही कर दे..!!
बारिश की बूँदों में झलकती है तस्वीर उनकी और हम उनसे मिलनें की चाहत में भीग जाते हैं…
सुनो ना… हम पर मोहब्बत नही आती तुम्हें, रहम तो आता होगा?
इस बारिश के मौसम में अजीब सी कशिश है ना चाहते हुए भी कोई शिदत से याद आता है.
कोई नही आऐगा मेरी जिदंगी मे तुम्हारे सिवा, एक मौत ही है जिसका मैं वादा नही करता…
एक हसरत थी की कभी वो भी हमे मनाये..पर ये कम्ब्खत Dil कभी उनसे रूठा ही नही.
तरस गए हैं तेरे Muh से कुछ सुनने को हम, Pyaar की बात न सही कोई शिकायत ही कर दे..!!
बारिश की बूँदों में झलकती है तस्वीर उनकी और हम उनसे मिलनें की चाहत में भीग जाते हैं…
सुनो ना… हम पर मोहब्बत नही आती तुम्हें, रहम तो आता होगा?