जिंदगी मेरे कानो मे अभी होले से कुछ कह गई, उन रिश्तो को संभाले रखना जिनके बिन गुज़ारा नहीं होता.
बारिश की बूँदों में झलकती है तस्वीर उनकी और हम उनसे मिलनें की चाहत में भीग जाते हैं…
तुमसे बिछड़े तो मालुम हुवा की मौत भी कोई चीज़ हे, ज़िदगी तो वोह थी जो हम तेरी..मेहफिल में गुजार आये।
अमीर तो हम भी बहुत थे, पर दॊलत सिर्फ दिल की थी खर्च भी बहुत किया ए दोस्त, पर दुनिया मे गिनती सिर्फ नोटों की हुई
जी भर गया है तो बता दो हमें इनकार पसंद है इंतजार नहीं!
कुछ रिशते ऐसे होते हैं.. जिनको जोड़ते जोड़ते इन्सान खुद टूट जाता है।
जिंदगी मेरे कानो मे अभी होले से कुछ कह गई, उन रिश्तो को संभाले रखना जिनके बिन गुज़ारा नहीं होता.
बारिश की बूँदों में झलकती है तस्वीर उनकी और हम उनसे मिलनें की चाहत में भीग जाते हैं…
तुमसे बिछड़े तो मालुम हुवा की मौत भी कोई चीज़ हे, ज़िदगी तो वोह थी जो हम तेरी..मेहफिल में गुजार आये।
अमीर तो हम भी बहुत थे, पर दॊलत सिर्फ दिल की थी खर्च भी बहुत किया ए दोस्त, पर दुनिया मे गिनती सिर्फ नोटों की हुई
जी भर गया है तो बता दो हमें इनकार पसंद है इंतजार नहीं!
कुछ रिशते ऐसे होते हैं.. जिनको जोड़ते जोड़ते इन्सान खुद टूट जाता है।