ज़िन्दगी से भला क्या शिकायत करें बस जिसे चाहा उसने समझा ही नही

ज़िन्दगी से भला क्या शिकायत करें बस जिसे चाहा उसने समझा ही नही

Share:

More Like This

बहुत याद आते हो तुम, दुआ करो मेरी यादाश्ति चली जाये

प्यार था और रहेगा भी..लेकिन बस अब बार बार टूटने की हिम्मत खत्म हो गयी है डर में नही जी सकते के कब कौन बीच रास्ते साथ छोड़ जाए अकेले का सफर कठिन है जानती हूँ पर किसी के साथ रहकर भी तन्हा महसूस करना ज़्यादा बुरा लगता है ?

कुछ बुरी आदतें ता उम्र साथ नहीं छोड़ती....बस उन्हीं आदतों मे से एक है वो..!!?

कभी मिले फुर्सत तो इतना जरुर बताना वो कौनसी मोहब्बत थी जो हम तुम्हे ना दे सके

शिकायत तो खुद से है तुम से तो आज भी इश्क़ है

मोत से तो दुनिया मरती हैं आशीक तो बस प्यार से ही मर जाता हैं

बहुत याद आते हो तुम, दुआ करो मेरी यादाश्ति चली जाये

प्यार था और रहेगा भी..लेकिन बस अब बार बार टूटने की हिम्मत खत्म हो गयी है डर में नही जी सकते के कब कौन बीच रास्ते साथ छोड़ जाए अकेले का सफर कठिन है जानती हूँ पर किसी के साथ रहकर भी तन्हा महसूस करना ज़्यादा बुरा लगता है ?

कुछ बुरी आदतें ता उम्र साथ नहीं छोड़ती....बस उन्हीं आदतों मे से एक है वो..!!?

कभी मिले फुर्सत तो इतना जरुर बताना वो कौनसी मोहब्बत थी जो हम तुम्हे ना दे सके

शिकायत तो खुद से है तुम से तो आज भी इश्क़ है

मोत से तो दुनिया मरती हैं आशीक तो बस प्यार से ही मर जाता हैं