ज़िन्दगी से भला क्या शिकायत करें बस जिसे चाहा उसने समझा ही नही

ज़िन्दगी से भला क्या शिकायत करें बस जिसे चाहा उसने समझा ही नही

Share:

More Like This

"अकेले कैसे रहा जाता है, कुछ लोग यही सिखाने हमारी जिंदगी मे आते है

साजिशों का पहरा होता है हर वक़्त रिश्ते भी बेचारे क्या करें, टूट जाते हैं बिखर कर...

बहुत याद आते हो तुम, दुआ करो मेरी यादाश्ति चली जाये

कभी कभी मेरा दिल करता है कि बैठकर इतना रोऊ कि रोते रोते ही मर जाऊ

काश तू लौट आये और कहे बस बहुत हो गया अब नहीं रहा जाता तेरे बिना

ज़िन्दगी के हाथ नहीं होते.. लेकिन कभी कभी वो ऐसा थप्पड़ मारती हैं जो पूरी उम्र याद रहता है

"अकेले कैसे रहा जाता है, कुछ लोग यही सिखाने हमारी जिंदगी मे आते है

साजिशों का पहरा होता है हर वक़्त रिश्ते भी बेचारे क्या करें, टूट जाते हैं बिखर कर...

बहुत याद आते हो तुम, दुआ करो मेरी यादाश्ति चली जाये

कभी कभी मेरा दिल करता है कि बैठकर इतना रोऊ कि रोते रोते ही मर जाऊ

काश तू लौट आये और कहे बस बहुत हो गया अब नहीं रहा जाता तेरे बिना

ज़िन्दगी के हाथ नहीं होते.. लेकिन कभी कभी वो ऐसा थप्पड़ मारती हैं जो पूरी उम्र याद रहता है