ज़िन्दगी से भला क्या शिकायत करें बस जिसे चाहा उसने समझा ही नही

ज़िन्दगी से भला क्या शिकायत करें बस जिसे चाहा उसने समझा ही नही

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किस_किस बात का गिला करें इस बेवफा जमाने मे, किसी ने दोस्ती छोडी, किसी ने दिल तोड़ा, किसी ने वादे तोड़े और, किसी ने तनहा छोड़ा !!!

आज सारा दिन उदास गुजर गया, अभी रात की सजा बाकि है....

अब तो मोहब्बत भी सरकारी नौकरी जैसी लगती है, कम्बख्त ग़रीबों को तो मिलती ही नहीं

वक़्त पर ना जा वक़्त तो हर ज़ख्म की दावा है, आज तुमने हमे भुला दिया कल तुम्हे भी कोई भुला देगा

कभी टूटा नहीं मेरे दिल से तेरी यादों का रिश्ता.. गुफ़्तगू किसी से भी हो ख़याल तेरा ही रहता है..

एक ख्याल ही तो हूँ मैं ..याद रह जाऊँ .. तो याद रखना ..वरना...सौ बहाने मिलेंगे ...भूल जाना मुझे....

किस_किस बात का गिला करें इस बेवफा जमाने मे, किसी ने दोस्ती छोडी, किसी ने दिल तोड़ा, किसी ने वादे तोड़े और, किसी ने तनहा छोड़ा !!!

आज सारा दिन उदास गुजर गया, अभी रात की सजा बाकि है....

अब तो मोहब्बत भी सरकारी नौकरी जैसी लगती है, कम्बख्त ग़रीबों को तो मिलती ही नहीं

वक़्त पर ना जा वक़्त तो हर ज़ख्म की दावा है, आज तुमने हमे भुला दिया कल तुम्हे भी कोई भुला देगा

कभी टूटा नहीं मेरे दिल से तेरी यादों का रिश्ता.. गुफ़्तगू किसी से भी हो ख़याल तेरा ही रहता है..

एक ख्याल ही तो हूँ मैं ..याद रह जाऊँ .. तो याद रखना ..वरना...सौ बहाने मिलेंगे ...भूल जाना मुझे....