कैसे गुज़र रही है सब पूछते है, कैसे गुजारता हु कोई नहीं पूछता |
वो बोलते रहे, हम सुनते रहे - जबाब आँखों में था, वो लफ्जों मे ढूढते रहे
बहुत कुछ पाने वाले बहुत कुछ खोया करते हैं, इस दुनिया में हस्सने वाले सबसे ज़्यादा रोया करते हैं
मोत से तो दुनिया मरती हैं आशीक तो बस प्यार से ही मर जाता हैं
तुम्हारे बिना रह तो सकती हूँ... मगर.. खुश नहीं रह सकती
कुछ बुरी आदतें ता उम्र साथ नहीं छोड़ती....बस उन्हीं आदतों मे से एक है वो..!!?
कैसे गुज़र रही है सब पूछते है, कैसे गुजारता हु कोई नहीं पूछता |
वो बोलते रहे, हम सुनते रहे - जबाब आँखों में था, वो लफ्जों मे ढूढते रहे
बहुत कुछ पाने वाले बहुत कुछ खोया करते हैं, इस दुनिया में हस्सने वाले सबसे ज़्यादा रोया करते हैं
मोत से तो दुनिया मरती हैं आशीक तो बस प्यार से ही मर जाता हैं
तुम्हारे बिना रह तो सकती हूँ... मगर.. खुश नहीं रह सकती
कुछ बुरी आदतें ता उम्र साथ नहीं छोड़ती....बस उन्हीं आदतों मे से एक है वो..!!?