जब रिश्ते ही दम तोड़ चुके हों.... तो फिर प्यार, इजहार, गलती का अहसास, सही गलत कुछ भी मैटर नहीं करता।

जब रिश्ते ही दम तोड़ चुके हों.... तो फिर प्यार, इजहार, गलती का अहसास, सही गलत कुछ भी मैटर नहीं करता।

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खुश तो वो रहते हैं जो जिस्मो से खेलते हैं, रूह से मोहब्बत करने वालो को अक्सर तड़पते देखा है

चुप रहना मेरी ताक़त है कमज़ोरी नहीं, अकेले रहना मेरी चाहत है, मजबूरी नहीं।

अब इन आँखों से भी जलन होती हैं मुझे ! खुली हो तो याद तेरी, और बंद हो तो ख्वाब तेरे !

उसने‬ कहा तुम सबसे ‪‎अलग‬ हो, ‪‎सच‬ कहा और कर दिया मुझे सबसे अलग |

नसीब का सब खेल है वरना मोहब्बत तो हम भी दीवाने की तरह किये थे.

उसने पुछा जिंदगी किसने बरबाद की । हमने ऊँगली उठाई और अपने ही दिल पर रख ली ।

खुश तो वो रहते हैं जो जिस्मो से खेलते हैं, रूह से मोहब्बत करने वालो को अक्सर तड़पते देखा है

चुप रहना मेरी ताक़त है कमज़ोरी नहीं, अकेले रहना मेरी चाहत है, मजबूरी नहीं।

अब इन आँखों से भी जलन होती हैं मुझे ! खुली हो तो याद तेरी, और बंद हो तो ख्वाब तेरे !

उसने‬ कहा तुम सबसे ‪‎अलग‬ हो, ‪‎सच‬ कहा और कर दिया मुझे सबसे अलग |

नसीब का सब खेल है वरना मोहब्बत तो हम भी दीवाने की तरह किये थे.

उसने पुछा जिंदगी किसने बरबाद की । हमने ऊँगली उठाई और अपने ही दिल पर रख ली ।