कुछ नहीं लिखने को आज.... न बात, न ज़ज्बात

कुछ नहीं लिखने को आज.... न बात, न ज़ज्बात

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यूँ ही भटकते रहते हैं अरमान तुझसे मिलने के, न ये दिल ठहरता है न तेरा इंतज़ार रुकता है

लाख तेरे चाहने वाले होंगे मगर तुझे महसूस सिर्फ मैंने किया है

कुछ लोगो को कितना भी अपने बनाने की कोशिश कर लो वो साबित कर देते है कि वो गैर ही है |

जिसे दिल मे जगह दी थी वो ही सब बर्बाद कर गया....!!

कितने अनमोल होते है, ये यादों के रिश्ते भी, कोई याद ना भी करे, तो चाहत फिर भी रहती है

कभी टूटा नहीं मेरे दिल से तेरी यादों का रिश्ता.. गुफ़्तगू किसी से भी हो ख़याल तेरा ही रहता है..

यूँ ही भटकते रहते हैं अरमान तुझसे मिलने के, न ये दिल ठहरता है न तेरा इंतज़ार रुकता है

लाख तेरे चाहने वाले होंगे मगर तुझे महसूस सिर्फ मैंने किया है

कुछ लोगो को कितना भी अपने बनाने की कोशिश कर लो वो साबित कर देते है कि वो गैर ही है |

जिसे दिल मे जगह दी थी वो ही सब बर्बाद कर गया....!!

कितने अनमोल होते है, ये यादों के रिश्ते भी, कोई याद ना भी करे, तो चाहत फिर भी रहती है

कभी टूटा नहीं मेरे दिल से तेरी यादों का रिश्ता.. गुफ़्तगू किसी से भी हो ख़याल तेरा ही रहता है..