धड़कने मेरी बेचैन रहती है आजकल, क्यूंकि तेरे बगैर ये धड़कती कम और तड़पती ज्यादा है.
कभी टूट कर बिखरो तो मेरे पास आ जाना, मुझे अपने जैसे लोग बहुत पसंद हैं
मोहब्बत ज़िंदगी बदल देती है, मिल जाए तो भी ना मिले तो भी..!!
कुछ कदमों के फासले थे, हम दोनों के दरमीयान, उन्हें जमाने ने रोक़ लिया, और हमने अपने आपको।
झूठ बोलते थे कितना, फिर भी सच्चे थे हम ये उन दिनों की बात है, जब बच्चे थे हम!
हिचकियो से इस बात का एहसास होता है शायद हमे भी कोई कहीं याद करता है बेशक मुलाक़ात नहीं होती मगर कुछ लम्हे हम पर बरबाद तो करता है
धड़कने मेरी बेचैन रहती है आजकल, क्यूंकि तेरे बगैर ये धड़कती कम और तड़पती ज्यादा है.
कभी टूट कर बिखरो तो मेरे पास आ जाना, मुझे अपने जैसे लोग बहुत पसंद हैं
मोहब्बत ज़िंदगी बदल देती है, मिल जाए तो भी ना मिले तो भी..!!
कुछ कदमों के फासले थे, हम दोनों के दरमीयान, उन्हें जमाने ने रोक़ लिया, और हमने अपने आपको।
झूठ बोलते थे कितना, फिर भी सच्चे थे हम ये उन दिनों की बात है, जब बच्चे थे हम!
हिचकियो से इस बात का एहसास होता है शायद हमे भी कोई कहीं याद करता है बेशक मुलाक़ात नहीं होती मगर कुछ लम्हे हम पर बरबाद तो करता है