ऐ जिंदगी ख़त्म कर अब ये तमासा♫ मैं थक गया हूँ दिल को तसल्लियाँ देते देते
तुम्हे ना पाना शायद बेहतर है, पा के फिर से तुम्हे गवाने से.
मोहब्बत तो दिल से की थी, दिमाग उसने लगा लिया दिल तोड दिया मेरा उसने और इल्जाम मुझपर लगा दिया.
धोखा देती है शरीफ चेहरों की चमक अक्सर, हर कांच का टूकड़ा हीरा नहीं होता.
झूठ बोलते थे कितना, फिर भी सच्चे थे हम ये उन दिनों की बात है, जब बच्चे थे हम!
टूटे हुए सपनो और छुटे हुए अपनों ने मार दिया वरना ख़ुशी खुद हमसे मुस्कुराना सिखने आया करती थी !!
ऐ जिंदगी ख़त्म कर अब ये तमासा♫ मैं थक गया हूँ दिल को तसल्लियाँ देते देते
तुम्हे ना पाना शायद बेहतर है, पा के फिर से तुम्हे गवाने से.
मोहब्बत तो दिल से की थी, दिमाग उसने लगा लिया दिल तोड दिया मेरा उसने और इल्जाम मुझपर लगा दिया.
धोखा देती है शरीफ चेहरों की चमक अक्सर, हर कांच का टूकड़ा हीरा नहीं होता.
झूठ बोलते थे कितना, फिर भी सच्चे थे हम ये उन दिनों की बात है, जब बच्चे थे हम!
टूटे हुए सपनो और छुटे हुए अपनों ने मार दिया वरना ख़ुशी खुद हमसे मुस्कुराना सिखने आया करती थी !!