है कोई वकील इस जहान में, जो हारा हुआ इश्क जीता दे मुझको.
तुम्हे ना पाना शायद बेहतर है, पा के फिर से तुम्हे गवाने से.
सुनो ना… हम पर मोहब्बत नही आती तुम्हें, रहम तो आता होगा?
रिश्तों में इतनी बेरुखी भी अच्छी नहीं हुजूर, देखना कही मनाने वाला ही ना रूठ जाए तुमसे.
मत खोल मेरी किस्मत की क़िताब को, हर उस सख़्श ने दिल दुखाया जिस पर नाज़ था ।
तेरे बिना में ये दुनिया छोड तो दूं, पर उसका दिल कैसे दुखा दुं, जो रोज दरवाजे पर खडी केहती हे बेटा घर जल्दी आ जाना…
है कोई वकील इस जहान में, जो हारा हुआ इश्क जीता दे मुझको.
तुम्हे ना पाना शायद बेहतर है, पा के फिर से तुम्हे गवाने से.
सुनो ना… हम पर मोहब्बत नही आती तुम्हें, रहम तो आता होगा?
रिश्तों में इतनी बेरुखी भी अच्छी नहीं हुजूर, देखना कही मनाने वाला ही ना रूठ जाए तुमसे.
मत खोल मेरी किस्मत की क़िताब को, हर उस सख़्श ने दिल दुखाया जिस पर नाज़ था ।
तेरे बिना में ये दुनिया छोड तो दूं, पर उसका दिल कैसे दुखा दुं, जो रोज दरवाजे पर खडी केहती हे बेटा घर जल्दी आ जाना…