मत खोल मेरी किस्मत की क़िताब को, हर उस सख़्श ने दिल दुखाया जिस पर नाज़ था ।
तुम्हे ना पाना शायद बेहतर है, पा के फिर से तुम्हे गवाने से.
बहुत देर करदी तुमने मेरी धडकनें महसूस करने में. वो दिल नीलाम हो गया, जिस पर कभी हकुमत तुम्हारी थी.
रख लू नज़र में चेहरा तेरा, दिन रात ईस पे मैं मरता रहू, जब तक ये साँसे चलती रहे, मैं तुझसे मोहब्बत करता रहू.
दोस्तों कभी किसी से प्यार ना करना, कभी किसी का ऐतबार ना करना, लेकर खंजर अपने ही हाथों में, यूँ अपने दिल पर कभी वार ना करना
तरस गए हैं तेरे Muh से कुछ सुनने को हम, Pyaar की बात न सही कोई शिकायत ही कर दे..!!
मत खोल मेरी किस्मत की क़िताब को, हर उस सख़्श ने दिल दुखाया जिस पर नाज़ था ।
तुम्हे ना पाना शायद बेहतर है, पा के फिर से तुम्हे गवाने से.
बहुत देर करदी तुमने मेरी धडकनें महसूस करने में. वो दिल नीलाम हो गया, जिस पर कभी हकुमत तुम्हारी थी.
रख लू नज़र में चेहरा तेरा, दिन रात ईस पे मैं मरता रहू, जब तक ये साँसे चलती रहे, मैं तुझसे मोहब्बत करता रहू.
दोस्तों कभी किसी से प्यार ना करना, कभी किसी का ऐतबार ना करना, लेकर खंजर अपने ही हाथों में, यूँ अपने दिल पर कभी वार ना करना
तरस गए हैं तेरे Muh से कुछ सुनने को हम, Pyaar की बात न सही कोई शिकायत ही कर दे..!!