हम न पा सके तुझे मुद्दतो से चाहने के बाद, और किसी ने अपना बना लिया तुझे चंद रसमें निभाने क बाद.
हम तुम्हें मुफ़्त में जो मिले हैं, क़दर ना करना हक़ है तुम्हारा.
तूने फेसले ही फासले बढाने वाले किये थे, वरना कोई नहीं था, तुजसे ज्यादा करीब मेरे…
काश वो भी आकर हम से कह दे मैं भी तन्हाँ हूँ, तेरे बिन, तेरी तरह, तेरी कसम, तेरे लिए।
क्या ऐसा नहीं हो सकता हम Pyaar मांगे… और तुम Humain गले लगा के कहो, और कुछ?
हमे जब नींद आएगी तो इस कदर सोएंगे के लोग रोएंगे हमे जगाने के लिए!
हम न पा सके तुझे मुद्दतो से चाहने के बाद, और किसी ने अपना बना लिया तुझे चंद रसमें निभाने क बाद.
हम तुम्हें मुफ़्त में जो मिले हैं, क़दर ना करना हक़ है तुम्हारा.
तूने फेसले ही फासले बढाने वाले किये थे, वरना कोई नहीं था, तुजसे ज्यादा करीब मेरे…
काश वो भी आकर हम से कह दे मैं भी तन्हाँ हूँ, तेरे बिन, तेरी तरह, तेरी कसम, तेरे लिए।
क्या ऐसा नहीं हो सकता हम Pyaar मांगे… और तुम Humain गले लगा के कहो, और कुछ?
हमे जब नींद आएगी तो इस कदर सोएंगे के लोग रोएंगे हमे जगाने के लिए!