जब सहनशीलता की सीमा पार करती है, तब प्रतिशोध की चिंगारी उठती है । यह चिंगारी क्रोध की ज्वाला बन जाती है, और फिर ज्वाला कहाँ देखती है कि, अपना घर जल रहा है, या दुश्मन का ।

जब सहनशीलता की सीमा पार करती है, तब प्रतिशोध की चिंगारी उठती है । यह चिंगारी क्रोध की ज्वाला बन जाती है, और फिर ज्वाला कहाँ देखती है कि, अपना घर जल रहा है, या दुश्मन का ।

Share:

More Like This

"क्रोध को जीतने में मौन सबसे अधिक सहायक है |"

महात्मा गांधी

गुस्सा या क्रोध समस्याओं का समाधान नही हैं बल्कि यह नई समस्याओं का जन्मदाता हैं…

"ईर्ष्या और क्रोध से जीवन क्षय होता है।"

बाइबल

क्रोध के वशीभूत होकर लिए गये फैसले मूर्खता का प्रमाण देते हैं…

क्रोध के नियंत्रण में होना व्यक्ति की दुर्बलता हैं और व्यक्ति द्वारा क्रोध को नियंत्रित करना शक्ति का परिचायक हैं…

हम समंदर हैं, हमें खामोश ही रहने दो…. ज़रा मचल गये, तो शहर ले डूबेंगे…

"क्रोध को जीतने में मौन सबसे अधिक सहायक है |"

महात्मा गांधी

गुस्सा या क्रोध समस्याओं का समाधान नही हैं बल्कि यह नई समस्याओं का जन्मदाता हैं…

"ईर्ष्या और क्रोध से जीवन क्षय होता है।"

बाइबल

क्रोध के वशीभूत होकर लिए गये फैसले मूर्खता का प्रमाण देते हैं…

क्रोध के नियंत्रण में होना व्यक्ति की दुर्बलता हैं और व्यक्ति द्वारा क्रोध को नियंत्रित करना शक्ति का परिचायक हैं…

हम समंदर हैं, हमें खामोश ही रहने दो…. ज़रा मचल गये, तो शहर ले डूबेंगे…