शहर भर मेँ एक ही पहचान है ‘हमारी’ सुर्ख आँखे, गुस्सैल चेहरा और नवाबी अदायेँ’!
क्रोध वह तूफ़ान हैं जो ज्ञान के दीपक को बुझा देता हैं…
यदि आप सही हैं तो आपको गुस्सा होने की जरूरत नहीं हैं और यदि आप गलत हैं तो आपको गुस्सा होने का कोई हक़ नही हैं…
"तुम अपने क्रोध के लिए दंड नहीं पाओगे, तुम अपने क्रोध द्वारा दंड पाओगे।"
वो मेरी न हुई तो ईसमेँ हैरत की कोई बात नहीँ, क्योँकि शेर से दिल लगाये बकरी की ईतनी औकात नही।
मजा चख लेने दो उसे गेरो की मोहबत का भी, इतनी चाहत के बाद जो मेरा न हुआ वो ओरो का क्या होगा।
शहर भर मेँ एक ही पहचान है ‘हमारी’ सुर्ख आँखे, गुस्सैल चेहरा और नवाबी अदायेँ’!
क्रोध वह तूफ़ान हैं जो ज्ञान के दीपक को बुझा देता हैं…
यदि आप सही हैं तो आपको गुस्सा होने की जरूरत नहीं हैं और यदि आप गलत हैं तो आपको गुस्सा होने का कोई हक़ नही हैं…
"तुम अपने क्रोध के लिए दंड नहीं पाओगे, तुम अपने क्रोध द्वारा दंड पाओगे।"
वो मेरी न हुई तो ईसमेँ हैरत की कोई बात नहीँ, क्योँकि शेर से दिल लगाये बकरी की ईतनी औकात नही।
मजा चख लेने दो उसे गेरो की मोहबत का भी, इतनी चाहत के बाद जो मेरा न हुआ वो ओरो का क्या होगा।