क्रोध वह तूफ़ान हैं जो ज्ञान के दीपक को बुझा देता हैं…
हम समंदर हैं, हमें खामोश ही रहने दो…. ज़रा मचल गये, तो शहर ले डूबेंगे…
जो व्यक्ति बदले की भावना रखता है वो दरअसल अपने ही घावों को हरा रखता है.
क्रोध मनुष्य का सबसे बड़ा शत्रु हैं जो इस शत्रु को अपने नियंत्रण में रखता हैं उसके जीवन में सुख-शांति और समृद्धि आती हैं…
क्रोध के कारण की तुलना में उसके परिणाम कितने गंभीर होते हैं।
हर बार जब आप क्रोधित होते हैं, तब आप अपनी ही प्रणाली में ज़हर घोलते हैं।
क्रोध वह तूफ़ान हैं जो ज्ञान के दीपक को बुझा देता हैं…
हम समंदर हैं, हमें खामोश ही रहने दो…. ज़रा मचल गये, तो शहर ले डूबेंगे…
जो व्यक्ति बदले की भावना रखता है वो दरअसल अपने ही घावों को हरा रखता है.
क्रोध मनुष्य का सबसे बड़ा शत्रु हैं जो इस शत्रु को अपने नियंत्रण में रखता हैं उसके जीवन में सुख-शांति और समृद्धि आती हैं…
क्रोध के कारण की तुलना में उसके परिणाम कितने गंभीर होते हैं।
हर बार जब आप क्रोधित होते हैं, तब आप अपनी ही प्रणाली में ज़हर घोलते हैं।