प्यार करता हु इसलिए फ़िक्र करता हूँ, नफरत करुगा तो जिक्र भी नही करुगा
क्रोध व्यक्ति का वह चारित्रिक दोष हैं जो अक्सर बने बनाये काम को बिगाड़ देता हैं…
हम समंदर हैं, हमें खामोश ही रहने दो…. ज़रा मचल गये, तो शहर ले डूबेंगे…
क्रोध के वशीभूत होकर लिए गये फैसले मूर्खता का प्रमाण देते हैं…
संसार में मुश्किल कार्यो में से एक हैं क्रोध पर विजय पाना…
क्रोध वह हवा है जो बुद्धि के दीप को बुझा देती है।
प्यार करता हु इसलिए फ़िक्र करता हूँ, नफरत करुगा तो जिक्र भी नही करुगा
क्रोध व्यक्ति का वह चारित्रिक दोष हैं जो अक्सर बने बनाये काम को बिगाड़ देता हैं…
हम समंदर हैं, हमें खामोश ही रहने दो…. ज़रा मचल गये, तो शहर ले डूबेंगे…
क्रोध के वशीभूत होकर लिए गये फैसले मूर्खता का प्रमाण देते हैं…
संसार में मुश्किल कार्यो में से एक हैं क्रोध पर विजय पाना…
क्रोध वह हवा है जो बुद्धि के दीप को बुझा देती है।