क्रोध एक ऐसा श्राप हैं जो मनुष्य खुद को देता हैं…
सपने हमेशा बडे रखो दोस्तो सोच तो लोगों की छोटी है..
अच्छे होते हैं बुरे लोग जो अच्छा होने का नाटक तो नहीं करते॥
सुधरी हे तो बस मेरी आदते वरना मेरे शौक, वो तो आज भी तेरी औकात से ऊँचे हैं…!!!
क्रोध वह तेज़ाब है जो किसी भी चीज जिसपर वह डाला जाये ,से ज्यादा उस पात्र को अधिक हानि पहुंचा सकता है जिसमे वह रखा है.
क्रोध पर यदि काबू ना किया जाये, तो वह जिस चोट के कारण उत्पन्न हुआ उससे से कहीं ज्यादा हानि पहुंचा सकता है.
क्रोध एक ऐसा श्राप हैं जो मनुष्य खुद को देता हैं…
सपने हमेशा बडे रखो दोस्तो सोच तो लोगों की छोटी है..
अच्छे होते हैं बुरे लोग जो अच्छा होने का नाटक तो नहीं करते॥
सुधरी हे तो बस मेरी आदते वरना मेरे शौक, वो तो आज भी तेरी औकात से ऊँचे हैं…!!!
क्रोध वह तेज़ाब है जो किसी भी चीज जिसपर वह डाला जाये ,से ज्यादा उस पात्र को अधिक हानि पहुंचा सकता है जिसमे वह रखा है.
क्रोध पर यदि काबू ना किया जाये, तो वह जिस चोट के कारण उत्पन्न हुआ उससे से कहीं ज्यादा हानि पहुंचा सकता है.