शाम नहीं पर बात वही. तू नहीं तो तेरी याद सही.
नसीब का सब खेल है वरना मोहब्बत तो हम भी दीवाने की तरह किये थे.
सच कहा था किसी ने तन्हाई में जीना सीख लो मोहब्बत जितनी भी सच्ची हो साथ छोड़ ही जाती है. |
कुछ नहीं लिखने को आज.... न बात, न ज़ज्बात
जो कहते थे मुझे डर है कहीं मैं खो न दूँ तुम्हे, सामना होने पर मैंने उन्हें चुपचाप गुजरते देखा है... !!
मेरे दिल का दर्द किसने देखा है, मुझे बस खुदा ने तड़पते देखा है, हम तन्हाई में बैठे रोते है, लोगो ने हमे महफ़िल में हस्ते देखा है।
शाम नहीं पर बात वही. तू नहीं तो तेरी याद सही.
नसीब का सब खेल है वरना मोहब्बत तो हम भी दीवाने की तरह किये थे.
सच कहा था किसी ने तन्हाई में जीना सीख लो मोहब्बत जितनी भी सच्ची हो साथ छोड़ ही जाती है. |
कुछ नहीं लिखने को आज.... न बात, न ज़ज्बात
जो कहते थे मुझे डर है कहीं मैं खो न दूँ तुम्हे, सामना होने पर मैंने उन्हें चुपचाप गुजरते देखा है... !!
मेरे दिल का दर्द किसने देखा है, मुझे बस खुदा ने तड़पते देखा है, हम तन्हाई में बैठे रोते है, लोगो ने हमे महफ़िल में हस्ते देखा है।