कैसे भुला दूँ उस भूलने वाले को मैं.. मौत इंसानों को आती है यादों को नहीं
चलो बिखरने देते है जिंदगी को सँभालने की भी हद होती है
साजिशों का पहरा होता है हर वक़्त रिश्ते भी बेचारे क्या करें, टूट जाते हैं बिखर कर...
तेरे बिना जीना बोहोत मुश्किल है ... और तुझे ये बताना और भी मुश्किल .
हजारो चेहरों में उसकी झलक मिली मुझको.. पर. दिल भी जिद पे अड़ा था कि अगर बो नहीं, तो उसके जैसा भी नहीं।
वो बोलते रहे, हम सुनते रहे - जबाब आँखों में था, वो लफ्जों मे ढूढते रहे
कैसे भुला दूँ उस भूलने वाले को मैं.. मौत इंसानों को आती है यादों को नहीं
चलो बिखरने देते है जिंदगी को सँभालने की भी हद होती है
साजिशों का पहरा होता है हर वक़्त रिश्ते भी बेचारे क्या करें, टूट जाते हैं बिखर कर...
तेरे बिना जीना बोहोत मुश्किल है ... और तुझे ये बताना और भी मुश्किल .
हजारो चेहरों में उसकी झलक मिली मुझको.. पर. दिल भी जिद पे अड़ा था कि अगर बो नहीं, तो उसके जैसा भी नहीं।
वो बोलते रहे, हम सुनते रहे - जबाब आँखों में था, वो लफ्जों मे ढूढते रहे