"क्रोध मस्तिष्क के दीपक को बुझा देता है | अतः हमें सदैव शांत व स्थिरचित्त रहना चाहिए |"
सुना है तुम्हे मोहोबत का सोक नहीं है लेकिन बर्बाद तो तुम कमाल का करती हो.
मत पूछना मेरी शख्सियत के बारे में हम जैसे दिखते है वैसे ही लिखते है …!
"मूर्ख मनुष्य क्रोध को जोर-शोर से प्रकट करता है, किंतु बुद्धिमान शांति से उसे वश में करता है |"
क्रोध एक स्थिति हैं, जिसमें जीभ मन से अधिक तेजी से काम करती हैं…
आसमान में उड़ने वाले जरा ये खबर भी रख, जन्नत पहुँचने का रास्ता मिट्टी से ही गुजरता है।
"क्रोध मस्तिष्क के दीपक को बुझा देता है | अतः हमें सदैव शांत व स्थिरचित्त रहना चाहिए |"
सुना है तुम्हे मोहोबत का सोक नहीं है लेकिन बर्बाद तो तुम कमाल का करती हो.
मत पूछना मेरी शख्सियत के बारे में हम जैसे दिखते है वैसे ही लिखते है …!
"मूर्ख मनुष्य क्रोध को जोर-शोर से प्रकट करता है, किंतु बुद्धिमान शांति से उसे वश में करता है |"
क्रोध एक स्थिति हैं, जिसमें जीभ मन से अधिक तेजी से काम करती हैं…
आसमान में उड़ने वाले जरा ये खबर भी रख, जन्नत पहुँचने का रास्ता मिट्टी से ही गुजरता है।