मूर्ख को उपदेश शत्रु के समान लगता है. लोभियों अथवा कंजूसो को याचक (भिखारी) शत्रु सा लगता है. व्यभिचारिणी स्त्री को उसका पति शत्रु लगता है, तो चोरों को चंद्रमा शत्रु लगता है.

मूर्ख को उपदेश शत्रु के समान लगता है. लोभियों अथवा कंजूसो को याचक (भिखारी) शत्रु सा लगता है. व्यभिचारिणी स्त्री को उसका पति शत्रु लगता है, तो चोरों को चंद्रमा शत्रु लगता है.

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विद्वान सब जगह सम्माननीय होता है. अपने उच्च गुणों के कारण देश-विदेश सभी जगह वह पूजनीय होता है .

इस दुनिया में सम्मान से जीने का सबसे महान तरीका है कि हम वो बनें जो होने का हम दिखावा करते हैं।

किसी को हरा देना बहुत ही आसान है   लेकिन किसी को जीतना  बहुत ही मुश्किल

किस ने गिनी हैं साँसे कितनी यह आएंगी ​ ना जाने कौन सी सांसें मेरी मुझे मेरे कृष्णा से मिलाएगी

जिंदगी में चुनौतियां हर किसी के हिस्से में नही आती क्योंकि किस्मत भी किस्मत वालों को ही आजमाती है।

दूसरों को अपने बारे में सफाई देकर अपना वक्त खराब न करें क्योंकि लोग उतना ही समझते हैं जितनी उनकी औकात होती हैं

विद्वान सब जगह सम्माननीय होता है. अपने उच्च गुणों के कारण देश-विदेश सभी जगह वह पूजनीय होता है .

इस दुनिया में सम्मान से जीने का सबसे महान तरीका है कि हम वो बनें जो होने का हम दिखावा करते हैं।

किसी को हरा देना बहुत ही आसान है   लेकिन किसी को जीतना  बहुत ही मुश्किल

किस ने गिनी हैं साँसे कितनी यह आएंगी ​ ना जाने कौन सी सांसें मेरी मुझे मेरे कृष्णा से मिलाएगी

जिंदगी में चुनौतियां हर किसी के हिस्से में नही आती क्योंकि किस्मत भी किस्मत वालों को ही आजमाती है।

दूसरों को अपने बारे में सफाई देकर अपना वक्त खराब न करें क्योंकि लोग उतना ही समझते हैं जितनी उनकी औकात होती हैं