तेरे इश्क ने सरकारी दफ्तर बना दिया दिल को, ना कोई काम करता है, ना कोई बात सुनता है .....
कुछ नहीं लिखने को आज.... न बात, न ज़ज्बात
कुछ कह गए, कुछ सह गए, कुछ कहते कहते रह गए..❗️ मै सही तुम गलत के खेल में, न जाने कितने रिश्ते ढह गए..‼️
बेशक मोहब्बत ना कर पर बात तो कर तेरा यु खामोश रहना बड़ी तकलीफ देता है
ऐ दिल तू क्यों रोता है, ये दुनिया है यहाँ ऐसा ही होता है.
बस तेरी कामि है ए मौत, दिल वो ले गयी जान तू ले जा..
तेरे इश्क ने सरकारी दफ्तर बना दिया दिल को, ना कोई काम करता है, ना कोई बात सुनता है .....
कुछ नहीं लिखने को आज.... न बात, न ज़ज्बात
कुछ कह गए, कुछ सह गए, कुछ कहते कहते रह गए..❗️ मै सही तुम गलत के खेल में, न जाने कितने रिश्ते ढह गए..‼️
बेशक मोहब्बत ना कर पर बात तो कर तेरा यु खामोश रहना बड़ी तकलीफ देता है
ऐ दिल तू क्यों रोता है, ये दुनिया है यहाँ ऐसा ही होता है.
बस तेरी कामि है ए मौत, दिल वो ले गयी जान तू ले जा..