सिद्ध- औषधि का मर्म, गुप्त वार्ता, घर का भेद, अपमान कि बात, इन सभी को गुप्त रखना ही हितकर होता हैं.

सिद्ध- औषधि का मर्म, गुप्त वार्ता, घर का भेद, अपमान कि बात, इन सभी को गुप्त रखना ही हितकर होता हैं.

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जिसने खर्च कम करने की बात सोची समझ लो उसने कमाने की अकल खो दी....

यदि सफल होना चाहते हो, तो पहले अपने ‘अभिमान’ को नाश कर डालो ।

उम्मीद हमे कभी भी छोड़ कर नहीं जाती बस हम ही उसे छोड़ देते है

यदि तुम वह चाहते हो जो तुम्हारे पास नही है, तो तुम्हे वह करना होगा जो आज तक नही किया

यदि आप पैसा खर्च करते समय सोचते है तो इसका मतलब यह है कि आप मेहनत का पैसा कमा रहे है

अगर कोई पसंद आ जाए तो दूसरों से नहीं पूछना चाहिए वो कैसा है

जिसने खर्च कम करने की बात सोची समझ लो उसने कमाने की अकल खो दी....

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यदि तुम वह चाहते हो जो तुम्हारे पास नही है, तो तुम्हे वह करना होगा जो आज तक नही किया

यदि आप पैसा खर्च करते समय सोचते है तो इसका मतलब यह है कि आप मेहनत का पैसा कमा रहे है

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