अभिमान मत करो कि मुझे किसी की ज़रूरत नही आत्मनिर्भर बनो की में कर सकता हु हर चीज़ पर वहम भी नही की मेरे बिना कुछ हो नही सकता
अगर कोई पसंद आ जाए तो दूसरों से नहीं पूछना चाहिए वो कैसा है
घड़ी ठीक करने वाले बहुत है मगर समय तो मेरा मुरली वाला ही ठीक करता है..
कुछ लोग आपसे नफरत इसलिए करने लगते है... क्योंकि आपकी सही बात उसे कड़वी लग जाती है
यदि लक्ष्य न मिले तो रास्ता बदलो क्योंकि वृक्ष अपनी पंक्तिया बदलते है जड़े नही.
सुख मै सो मिले दुःख में मिले न एक साथ कष्ट में रहे वही मित्र है नेक
अभिमान मत करो कि मुझे किसी की ज़रूरत नही आत्मनिर्भर बनो की में कर सकता हु हर चीज़ पर वहम भी नही की मेरे बिना कुछ हो नही सकता
अगर कोई पसंद आ जाए तो दूसरों से नहीं पूछना चाहिए वो कैसा है
घड़ी ठीक करने वाले बहुत है मगर समय तो मेरा मुरली वाला ही ठीक करता है..
कुछ लोग आपसे नफरत इसलिए करने लगते है... क्योंकि आपकी सही बात उसे कड़वी लग जाती है
यदि लक्ष्य न मिले तो रास्ता बदलो क्योंकि वृक्ष अपनी पंक्तिया बदलते है जड़े नही.
सुख मै सो मिले दुःख में मिले न एक साथ कष्ट में रहे वही मित्र है नेक