दुर्जन को साहस से, बलवान को अनुकूल व्यवहार से और समान शक्तिशाली को नम्रता से अथवा अपनी ताकत से वश में करना चाहिए.

दुर्जन को साहस से, बलवान को अनुकूल व्यवहार से और समान शक्तिशाली को नम्रता से अथवा अपनी ताकत से वश में करना चाहिए.

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जीभ पर लगी चोट जल्दी ठिक हो जाती है लेकिन जीभ से लगी चोट कभी ठिक नहीं होती .

चंचल चित वाले के कार्य कभी समाप्त नहीं होते।

अगर रास्ता खूबसूरत है तो पता कीजिये किस मंजिल की तरफ जाता है लेकिन अगर मंजिल खूबसूरत हो तो, कभी रास्ते की परवाह मत कीजिये !! मेहनत का फल और समस्या का हल देर से ही सही मिलता जरूर है!!

जो नहीं लड़ते वही तो हार जाते हैं हौसले वाले तो बाज़ी मार जाते हैं...

क़दर तो वो होती है जो किसी की मौजूदगी में हो, जो किसी के बाद हो.... उसे पछतावा कहते हैं ।

जिंदगी में इतना काबिल बनो की भगवान किसी गरीब की मदद करने के लिए तुम्हारी जेब का इस्तेमाल करे

जीभ पर लगी चोट जल्दी ठिक हो जाती है लेकिन जीभ से लगी चोट कभी ठिक नहीं होती .

चंचल चित वाले के कार्य कभी समाप्त नहीं होते।

अगर रास्ता खूबसूरत है तो पता कीजिये किस मंजिल की तरफ जाता है लेकिन अगर मंजिल खूबसूरत हो तो, कभी रास्ते की परवाह मत कीजिये !! मेहनत का फल और समस्या का हल देर से ही सही मिलता जरूर है!!

जो नहीं लड़ते वही तो हार जाते हैं हौसले वाले तो बाज़ी मार जाते हैं...

क़दर तो वो होती है जो किसी की मौजूदगी में हो, जो किसी के बाद हो.... उसे पछतावा कहते हैं ।

जिंदगी में इतना काबिल बनो की भगवान किसी गरीब की मदद करने के लिए तुम्हारी जेब का इस्तेमाल करे