संघर्ष के समय कोई नजदीक नही आता सफलता के बाद किसी को आमंत्रित नही करना पड़ता
सबको ओढनी है मिट्टी की चादर एक दिन, ऐसा कोई दिया नहीं जिस पर हवा की नजर नहीं
सलाह के सौ शब्दों से ज्यादा अनुभव की एक ठोकर इंसान को बहुत मजबूत बनाती है
जिसे तुम अपना समझ कर खुश हो रहे हो बस यही प्रसनता तुम्हारे दुखो का कारण है
उस पछतावे के साथ मत जागिये जिसे आप कल पूरा नहीं कर सके, उस संकल्प के साथ जागिये जिसे आपको आज पूरा करना
सफ़लता का सीधा संबंध परिश्रम से है,जो व्यक्ति परिश्रम से डरता है, वह कभी सफ़लता नहीं पा सकता।
संघर्ष के समय कोई नजदीक नही आता सफलता के बाद किसी को आमंत्रित नही करना पड़ता
सबको ओढनी है मिट्टी की चादर एक दिन, ऐसा कोई दिया नहीं जिस पर हवा की नजर नहीं
सलाह के सौ शब्दों से ज्यादा अनुभव की एक ठोकर इंसान को बहुत मजबूत बनाती है
जिसे तुम अपना समझ कर खुश हो रहे हो बस यही प्रसनता तुम्हारे दुखो का कारण है
उस पछतावे के साथ मत जागिये जिसे आप कल पूरा नहीं कर सके, उस संकल्प के साथ जागिये जिसे आपको आज पूरा करना
सफ़लता का सीधा संबंध परिश्रम से है,जो व्यक्ति परिश्रम से डरता है, वह कभी सफ़लता नहीं पा सकता।