आपका भविष्य उससे बनता है जो आप आज करते हैं कल नहीं
जब तक किसी व्यक्ति द्वारा अपनी संभावनाओं से अधिक कार्य नहीं किया जाता है, तब तक उस व्यक्ति द्वारा वह सब कुछ नहीं किया जा सकेगा जो वह कर सकता है
वक्त बीतने के बाद अक्सर यह अहसास होता है.. जो छूट गया वो लम्हा
अगर आप किसी की सफ़लता से खुश नहीं होते तो आप कभी सफ़ल नही हो सकते
कोई भी "व्यक्ति" हमारा "मित्र" या "शत्रु" बनकर "संसार" में नही आता हमारा "व्यवहार" और "शब्द" ही लोगो को "मित्र" और "शत्रु" बनाते है
जिन लोगो को 1 लाख की घड़ी और 100 रुपए की घड़ी में फर्क नजर नही आता उन लोगो से दूर ही रहो तो बेहतर है ये आपकी सोच खत्म कर देंगे
आपका भविष्य उससे बनता है जो आप आज करते हैं कल नहीं
जब तक किसी व्यक्ति द्वारा अपनी संभावनाओं से अधिक कार्य नहीं किया जाता है, तब तक उस व्यक्ति द्वारा वह सब कुछ नहीं किया जा सकेगा जो वह कर सकता है
वक्त बीतने के बाद अक्सर यह अहसास होता है.. जो छूट गया वो लम्हा
अगर आप किसी की सफ़लता से खुश नहीं होते तो आप कभी सफ़ल नही हो सकते
कोई भी "व्यक्ति" हमारा "मित्र" या "शत्रु" बनकर "संसार" में नही आता हमारा "व्यवहार" और "शब्द" ही लोगो को "मित्र" और "शत्रु" बनाते है
जिन लोगो को 1 लाख की घड़ी और 100 रुपए की घड़ी में फर्क नजर नही आता उन लोगो से दूर ही रहो तो बेहतर है ये आपकी सोच खत्म कर देंगे