जीवन में छोटे, बड़े सब को महत्त्व दो क्योंकि जहाँ सुई का काम है, वहाँ तलवार काम नहीं करती
कोई तब तक आपकी सवारी नहीं कर सकता जब तक आपकी पीठ झुकी ना हो
पैसा जीवन मे उतना ही जरूरी है कि खुद को मांगना ना पड़े और जो मांगे उसको देने से मना न कर सको
मौन रहना अच्छा है परन्तु अन्याय हो तब नही
झूठ का भी अजीब 'जायका' है स्वयं बोलो तो मीठा' लगता है कोई और बोले तो 'कड़वा'
थोड़ा सा अभ्यास बहुत सारे उपदेशों से बेहतर है
जीवन में छोटे, बड़े सब को महत्त्व दो क्योंकि जहाँ सुई का काम है, वहाँ तलवार काम नहीं करती
कोई तब तक आपकी सवारी नहीं कर सकता जब तक आपकी पीठ झुकी ना हो
पैसा जीवन मे उतना ही जरूरी है कि खुद को मांगना ना पड़े और जो मांगे उसको देने से मना न कर सको
मौन रहना अच्छा है परन्तु अन्याय हो तब नही
झूठ का भी अजीब 'जायका' है स्वयं बोलो तो मीठा' लगता है कोई और बोले तो 'कड़वा'
थोड़ा सा अभ्यास बहुत सारे उपदेशों से बेहतर है