जब दुनिया आपको कमजोर समझे तो फिर आपका जितना बहुत जरुरी हो जाता है..

जब दुनिया आपको कमजोर समझे तो फिर आपका जितना बहुत जरुरी हो जाता है..

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यदि कोई व्यक्ति आपको नीचे गिराने के लिए मजबूती से खड़ा है, तो उन्हें दिखाए की आप उठने के लिए उससे दुगनी मजबूती से खड़े है

अच्छे के साथ अच्छा बने बुरे के साथ बुरा नही क्योंकि हीरे से हीरे को तराश तो जा सकता है लेकिन कीचड़ से कीचड़ साफ नही हो सकता

आपका भविष्य उससे बनता है जो आप आज करते हैं कल नहीं

जो कभी उद्यंडका-सा वेष नहीं बनाता, दूसरों के सामने अपने पराक्रम की डींग नही हांकता, क्रोध से व्याकुल होने पर भी कटुवचन नहीं बोलता, उस मनुष्य को लोग सदा ही प्यारा बना लेते हैं।

पत्तों सी होती है कई रिश्तों की उम्र...! आज हरे...........कल सूखे क्यों न हम जड़ों से रिश्ते निभाना सीखें...

पैर खिचने से अच्छा है हाथ खिंचिये, क्या पता अपना कोई ऊपर आ जाये !!

यदि कोई व्यक्ति आपको नीचे गिराने के लिए मजबूती से खड़ा है, तो उन्हें दिखाए की आप उठने के लिए उससे दुगनी मजबूती से खड़े है

अच्छे के साथ अच्छा बने बुरे के साथ बुरा नही क्योंकि हीरे से हीरे को तराश तो जा सकता है लेकिन कीचड़ से कीचड़ साफ नही हो सकता

आपका भविष्य उससे बनता है जो आप आज करते हैं कल नहीं

जो कभी उद्यंडका-सा वेष नहीं बनाता, दूसरों के सामने अपने पराक्रम की डींग नही हांकता, क्रोध से व्याकुल होने पर भी कटुवचन नहीं बोलता, उस मनुष्य को लोग सदा ही प्यारा बना लेते हैं।

पत्तों सी होती है कई रिश्तों की उम्र...! आज हरे...........कल सूखे क्यों न हम जड़ों से रिश्ते निभाना सीखें...

पैर खिचने से अच्छा है हाथ खिंचिये, क्या पता अपना कोई ऊपर आ जाये !!