राह संघर्ष की जो चलता है वहीं संसार को बदलता है जिसने रातों में जंग जीती है सूर्य बनकर वही निकलता है
कैलेंडर हमेशा तारीख को बदलता है। पर एक दिन ऐसी तारीख भी आती है कि जो कैलेंडर को ही बदल देती है। इसलिए सब्र रखो, वक़्त हर किसी का आता है।।"
निंदा से घबराकर लक्ष्य को मत छोड़े क्योंकि निंदा करने वालों की राय लक्ष्य मिलते ही बदल जाती है
सलाह हारे हुए कि, तजुर्बा जीते हुए का और दिमाग खुद का इंसान को कभी हारने नही देता।
माना की सभी गलत है तेरी नज़रो मे वैसे तु भी कोई फरिश्ता तो नहीं हैं
शब्द यात्रा करते हैं इसलिए पीठ पीछे भी, किसी की निंदा न करें
राह संघर्ष की जो चलता है वहीं संसार को बदलता है जिसने रातों में जंग जीती है सूर्य बनकर वही निकलता है
कैलेंडर हमेशा तारीख को बदलता है। पर एक दिन ऐसी तारीख भी आती है कि जो कैलेंडर को ही बदल देती है। इसलिए सब्र रखो, वक़्त हर किसी का आता है।।"
निंदा से घबराकर लक्ष्य को मत छोड़े क्योंकि निंदा करने वालों की राय लक्ष्य मिलते ही बदल जाती है
सलाह हारे हुए कि, तजुर्बा जीते हुए का और दिमाग खुद का इंसान को कभी हारने नही देता।
माना की सभी गलत है तेरी नज़रो मे वैसे तु भी कोई फरिश्ता तो नहीं हैं
शब्द यात्रा करते हैं इसलिए पीठ पीछे भी, किसी की निंदा न करें