दुनिया में कोई भी चीज़ कितनी भी कीमती क्यों न हो। परन्तु.... नींद,शांति,और आनन्द से बढ़कर कुछ भी नही।
तकदीर ऐसे ही नहीं बदलती, पहले अपनी सोच को बदलना पड़ता है .
सिर्फ आसमान छू लेना ही कामयाबी नहीं है असली कामयाबी तो वो है कि आसमान भी छू लो, और पाँव भी ज़मीन पर हों
यदि सफल होना चाहते हो, तो पहले अपने ‘अभिमान’ को नाश कर डालो ।
गलतियों से न सीखना ही एकमात्र गलती होती है
अधर्म बुद्धि से आत्मविनाश की सुचना मिलती है।
दुनिया में कोई भी चीज़ कितनी भी कीमती क्यों न हो। परन्तु.... नींद,शांति,और आनन्द से बढ़कर कुछ भी नही।
तकदीर ऐसे ही नहीं बदलती, पहले अपनी सोच को बदलना पड़ता है .
सिर्फ आसमान छू लेना ही कामयाबी नहीं है असली कामयाबी तो वो है कि आसमान भी छू लो, और पाँव भी ज़मीन पर हों
यदि सफल होना चाहते हो, तो पहले अपने ‘अभिमान’ को नाश कर डालो ।
गलतियों से न सीखना ही एकमात्र गलती होती है
अधर्म बुद्धि से आत्मविनाश की सुचना मिलती है।