रिश्तो में झुकना कोई अजीब बात नही, सूरज भी तो ढल जाता है चाँद के लिए.
भीड़ हमेशा उस रास्ते पर चलती है जो रास्ता आसान लगता है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं की भीड़ हमेशा सही रास्ते पर चलती है। अपने रास्ते खुद चुनिए क्योंकि आपको आपसे बेहतर और कोई नहीं जानता
संग्रहित धन का व्यय होते रहने से ही उसमें निरंतर वृद्धि सम्भव है. जैसे तालाब का पानी एक ही जगह पड़ा रहने कि वजह से दूषित हो जाता है, वह पीने योग्य नहीं रहता- इसी प्रकार यदि धन का सदुपयोग न हो तो वह किसी काम का नहीं रहता है.
एक रंग रिश्तों पर ऐसा लगाए भीगे हर शब्द पर अर्थ बहने न पाए ।
लोग क्या कहेंगे अगर ये सोच के आप कुछ नही कर रहे है। तो आप जीवन की पहली परीक्षा में हार गए"
यदि आपके पास जो कुछ है उससे आप संतुष्ट हो और खुश हो तो आप बहुत अमीर हो
रिश्तो में झुकना कोई अजीब बात नही, सूरज भी तो ढल जाता है चाँद के लिए.
भीड़ हमेशा उस रास्ते पर चलती है जो रास्ता आसान लगता है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं की भीड़ हमेशा सही रास्ते पर चलती है। अपने रास्ते खुद चुनिए क्योंकि आपको आपसे बेहतर और कोई नहीं जानता
संग्रहित धन का व्यय होते रहने से ही उसमें निरंतर वृद्धि सम्भव है. जैसे तालाब का पानी एक ही जगह पड़ा रहने कि वजह से दूषित हो जाता है, वह पीने योग्य नहीं रहता- इसी प्रकार यदि धन का सदुपयोग न हो तो वह किसी काम का नहीं रहता है.
एक रंग रिश्तों पर ऐसा लगाए भीगे हर शब्द पर अर्थ बहने न पाए ।
लोग क्या कहेंगे अगर ये सोच के आप कुछ नही कर रहे है। तो आप जीवन की पहली परीक्षा में हार गए"
यदि आपके पास जो कुछ है उससे आप संतुष्ट हो और खुश हो तो आप बहुत अमीर हो