एक "अच्छी" शुरुआत के लिए... कोई भी दिन "बुरा" नही होता
वजूद सबका अपना अपना है सूर्य के सामने दीपक का ना सही अंधेरे के आगे बहुत कुछ है
किसी का हाथ तभी पकड़ना जब आप हर मुसीबत में उसका साथ दे सको
" समय " और " शब्द ' दोनों का उपयोग " लापरवाही " से ना करें क्योंकि ये " दोनों " ना दुबारा आते हैं ना " मौका " देते है !
माना की सभी गलत है तेरी नज़रो मे वैसे तु भी कोई फरिश्ता तो नहीं हैं
यूँ ही हर कदम पर मत लड़खड़ाओ कामयाबी पानी है तो संभल जाओ, मत शोर करो अपने प्रयासों का ख़ामोशी से अपनी जिंदगी बदल जाओ।
एक "अच्छी" शुरुआत के लिए... कोई भी दिन "बुरा" नही होता
वजूद सबका अपना अपना है सूर्य के सामने दीपक का ना सही अंधेरे के आगे बहुत कुछ है
किसी का हाथ तभी पकड़ना जब आप हर मुसीबत में उसका साथ दे सको
" समय " और " शब्द ' दोनों का उपयोग " लापरवाही " से ना करें क्योंकि ये " दोनों " ना दुबारा आते हैं ना " मौका " देते है !
माना की सभी गलत है तेरी नज़रो मे वैसे तु भी कोई फरिश्ता तो नहीं हैं
यूँ ही हर कदम पर मत लड़खड़ाओ कामयाबी पानी है तो संभल जाओ, मत शोर करो अपने प्रयासों का ख़ामोशी से अपनी जिंदगी बदल जाओ।