इंसान मकान बदलता है रिश्ते बदलता है दोस्त बदलते है लेकिन फिर भी दुखी रहता है क्यूं कि वो अपना रवैया नहीं बदलता..

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सुख और दुःख में सामान रूप से सहायक होना चाहिए।

दुसरो पर P.H.D करने से बेहतर है हम खुद "GRADUATE" हो जाये

जब से मुझे पता चला है कि मेरा आत्मविश्वास मेरे साथ है तब से मैने ये सोचना बंद कर दिया कि कौन मेरे खिलाफ है

किसी को डर है कि भगवान देख रहा है किसी को भरोसा है कि भगवान देख रहा है

प्यार निभाना आना चाहिए हो तो सबको जाता है

कुशल व्यवहार आपके जीवन का आईना है.. इसका आप जितना अधिक इस्तेमाल करेंगे. आपकी चमक उतनी ही बढ़ जाएगी...!!

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