इंसान मकान बदलता है रिश्ते बदलता है दोस्त बदलते है लेकिन फिर भी दुखी रहता है क्यूं कि वो अपना रवैया नहीं बदलता..

इंसान मकान बदलता है रिश्ते बदलता है दोस्त बदलते है लेकिन फिर भी दुखी रहता है क्यूं कि वो अपना रवैया नहीं बदलता..

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किसी ने एक छोटी भूल की और हम ने वो

"निर्मल" रहिए... वरना

हमेशा खुश रहा करो ये सोच कर की दुनिया में हमसे ज्यादा परेशान ओर लोग भी है

खुद से बहस करोगे तो सारे सवालों के जवाब मिल जाएंगे, अगर दुसरो से करोगे तो और नये सवाल खड़े हो जायेंगे, जब मनुष्य अपनी ग़लती का वक़ील और दूसरों की गलतियों का, जज बन जाता है तो फैसले नही फासले हो जाते है..

जल्दी जागना हमेशा ही फायदेमंद होता है, फिर चाहे वो नींद से हो या अहम से हो या फिर वहम से हो।

बोलना और प्रतिक्रिया करना जरूरी है लेकिन संयम और सभ्यता का दामन नहीं छूटना चाहिये..!!

किसी ने एक छोटी भूल की और हम ने वो

"निर्मल" रहिए... वरना

हमेशा खुश रहा करो ये सोच कर की दुनिया में हमसे ज्यादा परेशान ओर लोग भी है

खुद से बहस करोगे तो सारे सवालों के जवाब मिल जाएंगे, अगर दुसरो से करोगे तो और नये सवाल खड़े हो जायेंगे, जब मनुष्य अपनी ग़लती का वक़ील और दूसरों की गलतियों का, जज बन जाता है तो फैसले नही फासले हो जाते है..

जल्दी जागना हमेशा ही फायदेमंद होता है, फिर चाहे वो नींद से हो या अहम से हो या फिर वहम से हो।

बोलना और प्रतिक्रिया करना जरूरी है लेकिन संयम और सभ्यता का दामन नहीं छूटना चाहिये..!!