इंसान मकान बदलता है रिश्ते बदलता है दोस्त बदलते है लेकिन फिर भी दुखी रहता है क्यूं कि वो अपना रवैया नहीं बदलता..

इंसान मकान बदलता है रिश्ते बदलता है दोस्त बदलते है लेकिन फिर भी दुखी रहता है क्यूं कि वो अपना रवैया नहीं बदलता..

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गुरु का हाथ पकड़ के चलो, लोगों के पैर पकड़ने की नौबत नहीं आएगी

किस ने गिनी हैं साँसे कितनी यह आएंगी ​ ना जाने कौन सी सांसें मेरी मुझे मेरे कृष्णा से मिलाएगी

पहचान बनानी है तो

पत्थर की कीमत जब समझ में आती है सुनसान सड़क पर जब कुत्ते घेर लेते है

मित्र, पुस्तक, रास्ता, और विचार गलत हों तो गुमराह कर देते हैं, और यदि सही हों तो जीवन बना देतें है

ईश्वर सिर्फ दिशा दिखा सकता है उस पथ पर चलना, हमारा काम है और वास्तविकता में अगर तुम चलना ही नहीं चाहते फिर तुम्हारा ईश्वर को दोष देना व्यर्थ है!

गुरु का हाथ पकड़ के चलो, लोगों के पैर पकड़ने की नौबत नहीं आएगी

किस ने गिनी हैं साँसे कितनी यह आएंगी ​ ना जाने कौन सी सांसें मेरी मुझे मेरे कृष्णा से मिलाएगी

पहचान बनानी है तो

पत्थर की कीमत जब समझ में आती है सुनसान सड़क पर जब कुत्ते घेर लेते है

मित्र, पुस्तक, रास्ता, और विचार गलत हों तो गुमराह कर देते हैं, और यदि सही हों तो जीवन बना देतें है

ईश्वर सिर्फ दिशा दिखा सकता है उस पथ पर चलना, हमारा काम है और वास्तविकता में अगर तुम चलना ही नहीं चाहते फिर तुम्हारा ईश्वर को दोष देना व्यर्थ है!