इंसान मकान बदलता है रिश्ते बदलता है दोस्त बदलते है लेकिन फिर भी दुखी रहता है क्यूं कि वो अपना रवैया नहीं बदलता..

इंसान मकान बदलता है रिश्ते बदलता है दोस्त बदलते है लेकिन फिर भी दुखी रहता है क्यूं कि वो अपना रवैया नहीं बदलता..

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आप क्या काम करते हो ? असल में वो हिसाब लगाते हैं कि आपको कितनी "इज्जत" देनी है।

काबिलियत इतनी बढ़ाओ की तुम्हे हराने के लिए कोशिश नहीं साजिश करनी पड़े.

अगर सफल होने का जुनून सर पर है तो मुश्किले आप को नहीं रोक पायेगी .

कोशिश तब तक जारी रखो, जब तक मजिल ना मिल जाए..

शर्म की अमीरी से इज्जत की गरीबी अच्छी है।

प्रत्येक अवसर के लिए तैयार रहना ही सफलता है

आप क्या काम करते हो ? असल में वो हिसाब लगाते हैं कि आपको कितनी "इज्जत" देनी है।

काबिलियत इतनी बढ़ाओ की तुम्हे हराने के लिए कोशिश नहीं साजिश करनी पड़े.

अगर सफल होने का जुनून सर पर है तो मुश्किले आप को नहीं रोक पायेगी .

कोशिश तब तक जारी रखो, जब तक मजिल ना मिल जाए..

शर्म की अमीरी से इज्जत की गरीबी अच्छी है।

प्रत्येक अवसर के लिए तैयार रहना ही सफलता है