इंसान मकान बदलता है रिश्ते बदलता है दोस्त बदलते है लेकिन फिर भी दुखी रहता है क्यूं कि वो अपना रवैया नहीं बदलता..

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"इतने बड़े बनो कि जब आप खड़े हों तो कोई बैठा न रहे !"

आपकी दिन की पहली विफलता तब शूरू होती हैं जब आप पाँच मिनट के लिए औऱ सोने का फैसला लेते हैं

सुख और दुःख में सामान रूप से सहायक होना चाहिए।

जिस व्यक्ति ने कभी गलती नहीं कि उसने कभी कुछ नया करने की कोशिश नहीं की

अल्बर्ट आइंस्टीन

अपनी अच्छाई पर इतना भरोसा रखिए कि जो भी आपको खोएगा यकीनन वो रोएगा ।

हर प्रशंसा करने वाला आपका शुभचिंतक नही होता

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