लिबास कितना भी किमती हो घटीया किरदार को छुपा नहीं सकता
अगर आप जिंदगी में आगे बढ़ना चाहते हैं,तो दूसरे अपनी जिंदगी में क्या कर रहे हैं. इस बात से तबतक मतलब न रखें,जबतक दूसरों के कारण आपकी जिंदगी प्रभावित न हो.
किरण चाहे सूर्य की हो या आशा की, जब भी निकलती है तो सभी अंधकारों को मिटा देती है
अत्यधिक उम्मीद को विराम दो, मन की शांति फिर से वापिस लौट आएगी
हुनर होगा तो दुनिया खुद कदर करेगी एडियाँ उठाने से किरदार ऊँचे नही होते
"उपलब्धि" और "आलोचना" एक दूसरे के मित्र हैं !! उपलब्धियां बढ़ेगी तो निश्चित ही आपकी आलोचना भी बढ़ेगी
लिबास कितना भी किमती हो घटीया किरदार को छुपा नहीं सकता
अगर आप जिंदगी में आगे बढ़ना चाहते हैं,तो दूसरे अपनी जिंदगी में क्या कर रहे हैं. इस बात से तबतक मतलब न रखें,जबतक दूसरों के कारण आपकी जिंदगी प्रभावित न हो.
किरण चाहे सूर्य की हो या आशा की, जब भी निकलती है तो सभी अंधकारों को मिटा देती है
अत्यधिक उम्मीद को विराम दो, मन की शांति फिर से वापिस लौट आएगी
हुनर होगा तो दुनिया खुद कदर करेगी एडियाँ उठाने से किरदार ऊँचे नही होते
"उपलब्धि" और "आलोचना" एक दूसरे के मित्र हैं !! उपलब्धियां बढ़ेगी तो निश्चित ही आपकी आलोचना भी बढ़ेगी