मौन रहना अच्छा है परन्तु अन्याय हो तब नही
जिंदगी हमेशा एक मौका और देती है आसान शब्दों में जिसे “आज” कहते हैं
रूठी पत्नी, लुप्त संपत्ति और हाथ से निकली भूमि वापस मिल सकती है, लेकिन मनुष्य जीवन पुनः नहीं मिल सकता, अतः दान-धर्म कर हमें अपना जीवन सफल बनाना चाहिए.
"हुनर" होगा तो दुनिया खुद कदर करेगी "एड़ियाँ" उठाने से किरदार ऊँचे नही होते..
"उपलब्धि" और "आलोचना" एक दूसरे के मित्र हैं !! उपलब्धियां बढ़ेगी तो निश्चित ही आपकी आलोचना भी बढ़ेगी
कभी यह मत सोचो कि आप अकेले हो बल्कि यह सोचो की आप अकेले ही काफी हो
मौन रहना अच्छा है परन्तु अन्याय हो तब नही
जिंदगी हमेशा एक मौका और देती है आसान शब्दों में जिसे “आज” कहते हैं
रूठी पत्नी, लुप्त संपत्ति और हाथ से निकली भूमि वापस मिल सकती है, लेकिन मनुष्य जीवन पुनः नहीं मिल सकता, अतः दान-धर्म कर हमें अपना जीवन सफल बनाना चाहिए.
"हुनर" होगा तो दुनिया खुद कदर करेगी "एड़ियाँ" उठाने से किरदार ऊँचे नही होते..
"उपलब्धि" और "आलोचना" एक दूसरे के मित्र हैं !! उपलब्धियां बढ़ेगी तो निश्चित ही आपकी आलोचना भी बढ़ेगी
कभी यह मत सोचो कि आप अकेले हो बल्कि यह सोचो की आप अकेले ही काफी हो