जहाँ प्रयत्नों की ऊंचाई अधिक होती है, वहाँ नसीबों को भी झुकना पड़ता है
लिबास कितना भी किमती हो घटीया किरदार को छुपा नहीं सकता
कुछ रिश्ते मुनाफा नहीं देते, पर अमीर जरूर बना देते हैं.
अगर "बुरे वक्त" में कोई आकर यह "कह" दे कि.. "चिंता मत करो" मैं तुम्हारे "साथ" हूँ! तो बस ये "शब्द" ही "व्यक्ति" के लिए "औषधि" बन जाते हैं ..!!
इज़्ज़त, मोहब्बत, तारीफ़ और दुआ...माँगी नहीं जाती, कमाई जाती है...।।
राह संघर्ष की जो चलता है वहीं संसार को बदलता है जिसने रातों में जंग जीती है सूर्य बनकर वही निकलता है
जहाँ प्रयत्नों की ऊंचाई अधिक होती है, वहाँ नसीबों को भी झुकना पड़ता है
लिबास कितना भी किमती हो घटीया किरदार को छुपा नहीं सकता
कुछ रिश्ते मुनाफा नहीं देते, पर अमीर जरूर बना देते हैं.
अगर "बुरे वक्त" में कोई आकर यह "कह" दे कि.. "चिंता मत करो" मैं तुम्हारे "साथ" हूँ! तो बस ये "शब्द" ही "व्यक्ति" के लिए "औषधि" बन जाते हैं ..!!
इज़्ज़त, मोहब्बत, तारीफ़ और दुआ...माँगी नहीं जाती, कमाई जाती है...।।
राह संघर्ष की जो चलता है वहीं संसार को बदलता है जिसने रातों में जंग जीती है सूर्य बनकर वही निकलता है