हिसाब रखा करो आजकल लोग बड़ी जल्दी पूछ लेते है तुमने मेरे लिए किया क्या है
मेहनत का फल और समस्या का हल देर से ही सही पर मिलता जरूर है..
सब्र एक ऐसी सवारी है, जो अपने सवार को कभी गिरने नहीं देती, ना किसी के कदमों में, ना किसी के नजरों में
साधुजन के दर्शन से पुण्य प्राप्त होता है. साधु तीर्थों के समान होते हैं, तीर्थों का फल तो कुछ समय बाद मिलता है, किन्तु साधु समागम तुरंत फल देता है’
लोगो की बातों पे गौर करना, वो बातों से अच्छा चाहते है इरादों से नही
मुश्किल परिस्थितियों में मनुष्य को सहारे की आवश्यकता होती है सलाह की नही
हिसाब रखा करो आजकल लोग बड़ी जल्दी पूछ लेते है तुमने मेरे लिए किया क्या है
मेहनत का फल और समस्या का हल देर से ही सही पर मिलता जरूर है..
सब्र एक ऐसी सवारी है, जो अपने सवार को कभी गिरने नहीं देती, ना किसी के कदमों में, ना किसी के नजरों में
साधुजन के दर्शन से पुण्य प्राप्त होता है. साधु तीर्थों के समान होते हैं, तीर्थों का फल तो कुछ समय बाद मिलता है, किन्तु साधु समागम तुरंत फल देता है’
लोगो की बातों पे गौर करना, वो बातों से अच्छा चाहते है इरादों से नही
मुश्किल परिस्थितियों में मनुष्य को सहारे की आवश्यकता होती है सलाह की नही