दिल उसके इंतज़ार में डूबा है. जो किसी और की चाहत में डूबा है.
डूबे हुओं को हमने बिठाया था अपनी कश्ती में यारो..... और फिर कश्ती का बोझ कहकर, हमे ही उतारा गया
हद से बढ़ जाये ताल्लुक तो ग़म मिलते हैं| हम इसी वास्ते हर सख्स से कम मिलते हैं|
मै उसके लिए चाय बनाना सीखता रहा और वो पैग बनाने वाले के साथ भाग गई
चलो अब जाने भी दो....क्या करोगे दास्तां सुनकर,,, ख़ामोशी तुम समझोगे नही....और बयां हमसे होगा नही
इस दुनिया में अजनबी रहना ही ठीक है लोग बहुत तकलीफ देते है अक्सर अपना बना कर
दिल उसके इंतज़ार में डूबा है. जो किसी और की चाहत में डूबा है.
डूबे हुओं को हमने बिठाया था अपनी कश्ती में यारो..... और फिर कश्ती का बोझ कहकर, हमे ही उतारा गया
हद से बढ़ जाये ताल्लुक तो ग़म मिलते हैं| हम इसी वास्ते हर सख्स से कम मिलते हैं|
मै उसके लिए चाय बनाना सीखता रहा और वो पैग बनाने वाले के साथ भाग गई
चलो अब जाने भी दो....क्या करोगे दास्तां सुनकर,,, ख़ामोशी तुम समझोगे नही....और बयां हमसे होगा नही
इस दुनिया में अजनबी रहना ही ठीक है लोग बहुत तकलीफ देते है अक्सर अपना बना कर