एक गलती की थी मैंने, आज उसी की सजा पाई थी, उसके यार ने ही सही, उसकी असलियत बताई थी, वो दिखती है अब किसी ओर के साथ, ये बात तुमसे नहीं, गैरों ने मुझे बताई थी !!
जो एक बार धोखा दे चुका हो, उससे फिर धोखा खाना महामूर्खता है.
हमने उन पर आँखे बंद करके विश्वास क्या किया, हम अंधे हैं उन्होंने यह महसूस भी करवा दिया। ??
किसी को धोखा देने से पहले यह जरुर सोच लीजिए कि बुरे काम का नतीजा देर से हीं सही नुकसान जरुर पहुंचाता है.
इस दुनिया मे कोई किसी का है ये तेरा सपना है! क्योंकि धोखा भी वही देता है जो तेरा अपना है!
जिन्हें हम फरिस्ता समझते हैं अक्सर वो हीं हमें धोखा देते हैं.
एक गलती की थी मैंने, आज उसी की सजा पाई थी, उसके यार ने ही सही, उसकी असलियत बताई थी, वो दिखती है अब किसी ओर के साथ, ये बात तुमसे नहीं, गैरों ने मुझे बताई थी !!
जो एक बार धोखा दे चुका हो, उससे फिर धोखा खाना महामूर्खता है.
हमने उन पर आँखे बंद करके विश्वास क्या किया, हम अंधे हैं उन्होंने यह महसूस भी करवा दिया। ??
किसी को धोखा देने से पहले यह जरुर सोच लीजिए कि बुरे काम का नतीजा देर से हीं सही नुकसान जरुर पहुंचाता है.
इस दुनिया मे कोई किसी का है ये तेरा सपना है! क्योंकि धोखा भी वही देता है जो तेरा अपना है!
जिन्हें हम फरिस्ता समझते हैं अक्सर वो हीं हमें धोखा देते हैं.