प्यार में धोखा खाने के बाद सम्भलने में वर्षों लग जाते हैं.
धोखा कभी गैरों से नहीं मिलता, विश्वास तो अपने तोड़ जाते है।
बिन मागें जो मिल जाए वो है धोखा और फरेब, और जो मांगकर भी ना मिले वो है सच्चा इश्क….।
तुम खास थे इसलिए लड़े तुमसे, पराये होते तो मुस्कुरा कर जाने देते।
धोखा करके किसी के साथ वफा की उम्मीद करते हैं कुछ लोग बुरा करके अपने साथ अच्छा होने की दुआ करते हैं!
जिन्हें हम फरिस्ता समझते हैं अक्सर वो हीं हमें धोखा देते हैं.
प्यार में धोखा खाने के बाद सम्भलने में वर्षों लग जाते हैं.
धोखा कभी गैरों से नहीं मिलता, विश्वास तो अपने तोड़ जाते है।
बिन मागें जो मिल जाए वो है धोखा और फरेब, और जो मांगकर भी ना मिले वो है सच्चा इश्क….।
तुम खास थे इसलिए लड़े तुमसे, पराये होते तो मुस्कुरा कर जाने देते।
धोखा करके किसी के साथ वफा की उम्मीद करते हैं कुछ लोग बुरा करके अपने साथ अच्छा होने की दुआ करते हैं!
जिन्हें हम फरिस्ता समझते हैं अक्सर वो हीं हमें धोखा देते हैं.