धोखा कभी गैरों से नहीं मिलता, विश्वास तो अपने तोड़ जाते है।
किसी ने मुझे ये सिखा दिया कि, हद से ज्याद किसी को चाहना बुरी बात है ।
जिन्हें हम फरिस्ता समझते हैं अक्सर वो हीं हमें धोखा देते हैं.
जब हम गलत लोगों से उम्मीद पाल लेते हैं, तब हम खुद को खुद धोखा देते हैं.
धोखा देने वाले को भी धोखा हीं मिलता है.
दिवारों के पीछे क्या किरदार हूँ मै? यह राज़ मेरे आंगन तक को नहीं पता है, तुम बस इतना समझ लो इश्क मे बरबाद हो गया, उसका नाम क्या था यह किसी और दिन बताएंगे,
धोखा कभी गैरों से नहीं मिलता, विश्वास तो अपने तोड़ जाते है।
किसी ने मुझे ये सिखा दिया कि, हद से ज्याद किसी को चाहना बुरी बात है ।
जिन्हें हम फरिस्ता समझते हैं अक्सर वो हीं हमें धोखा देते हैं.
जब हम गलत लोगों से उम्मीद पाल लेते हैं, तब हम खुद को खुद धोखा देते हैं.
धोखा देने वाले को भी धोखा हीं मिलता है.
दिवारों के पीछे क्या किरदार हूँ मै? यह राज़ मेरे आंगन तक को नहीं पता है, तुम बस इतना समझ लो इश्क मे बरबाद हो गया, उसका नाम क्या था यह किसी और दिन बताएंगे,