दिन भी गुजरता है किसी के इंतज़ार में रात भी कटती है किसी की याद में ये हमारी हे ज़िन्दगी किसी और के लिए इतना बेचैन क्यों रहती है

दिन भी गुजरता है किसी के इंतज़ार में रात भी कटती है किसी की याद में ये हमारी हे ज़िन्दगी किसी और के लिए इतना बेचैन क्यों रहती है

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अभी ज़िंदा हूँ अभी कुछ साँस बाकी है. आज भी उनके आने की आस बाकी है. मेरे दोस्त मेरा दम यूँ नहीं निकलेगा अभी उन से मुलाक़ात बाकी है

कोई नही आऐगा मेरी जिदंगी मे तुम्हारे सिवा, एक मौत ही है जिसका मैं वादा नही करता…

इश्क मुहब्बत क्या है? मुझे नही मालूम! बस तुम्हारी याद आती है… सीधी सी बात है।

हिचकियो से इस बात का एहसास होता है शायद हमे भी कोई कहीं याद करता है बेशक मुलाक़ात नहीं होती मगर कुछ लम्हे हम पर बरबाद तो करता है

आइना कोई ऐसा बना दे ऐ खुदा जो, इंसान का चेहरा नहीं किरदार दिखा दे!

सब तेरी मोहब्बत की इनायत है, वरना मैं क्या मेरा दिल क्या मेरी शायरी क्या.

अभी ज़िंदा हूँ अभी कुछ साँस बाकी है. आज भी उनके आने की आस बाकी है. मेरे दोस्त मेरा दम यूँ नहीं निकलेगा अभी उन से मुलाक़ात बाकी है

कोई नही आऐगा मेरी जिदंगी मे तुम्हारे सिवा, एक मौत ही है जिसका मैं वादा नही करता…

इश्क मुहब्बत क्या है? मुझे नही मालूम! बस तुम्हारी याद आती है… सीधी सी बात है।

हिचकियो से इस बात का एहसास होता है शायद हमे भी कोई कहीं याद करता है बेशक मुलाक़ात नहीं होती मगर कुछ लम्हे हम पर बरबाद तो करता है

आइना कोई ऐसा बना दे ऐ खुदा जो, इंसान का चेहरा नहीं किरदार दिखा दे!

सब तेरी मोहब्बत की इनायत है, वरना मैं क्या मेरा दिल क्या मेरी शायरी क्या.