चलो एक बार फिरसे शुरू करते है मोहब्बत क्या पता नतीजा हमारे हक़्क़ में आए...

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दिल मेरा कूछ टूटा हुआ सा है, उससे कूछ रुठा हुआ सा है

बस यूं ही थम के रहे गया कारवां दिल का, हम कहे नहीं पाए उन ने सुनना नहीं चाहा!

सुना है तुम ज़िद्दी बहुत हो, मुझे भी अपनी जिद्द बना लो !!

कुछ इस तरह वो मेरी बातों का ज़िक्र किया करती है.... सुना है वो आज भी मेरी फिक्र किया करती है

जब तुम पास होते हो तब दिल चाहता है की वक़्त रुक जाए.... ?❤

आप खुद नहीं जानती आप कितनी प्यारी हो, जान हो हमारी पर जान से प्यारी हो, दूरियों क होने से कोई फर्क नही पड़ता आप कल भी हमारी थी और आज बी हमारी हो.

दिल मेरा कूछ टूटा हुआ सा है, उससे कूछ रुठा हुआ सा है

बस यूं ही थम के रहे गया कारवां दिल का, हम कहे नहीं पाए उन ने सुनना नहीं चाहा!

सुना है तुम ज़िद्दी बहुत हो, मुझे भी अपनी जिद्द बना लो !!

कुछ इस तरह वो मेरी बातों का ज़िक्र किया करती है.... सुना है वो आज भी मेरी फिक्र किया करती है

जब तुम पास होते हो तब दिल चाहता है की वक़्त रुक जाए.... ?❤

आप खुद नहीं जानती आप कितनी प्यारी हो, जान हो हमारी पर जान से प्यारी हो, दूरियों क होने से कोई फर्क नही पड़ता आप कल भी हमारी थी और आज बी हमारी हो.