चलो एक बार फिरसे शुरू करते है मोहब्बत क्या पता नतीजा हमारे हक़्क़ में आए...

चलो एक बार फिरसे शुरू करते है मोहब्बत क्या पता नतीजा हमारे हक़्क़ में आए...

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यूँ तो शिकायते तुझ से सैंकड़ों हैं मगर, तेरी एक मुस्कान ही काफी है सुलह के लिये.

बस जाते हैं दिल में इजाज़त लिए बगैर, वो जिन्हें हम ज़िन्दगी भर पा नहीं सकते |

प्यार भी कितना अजीब होता है न, वो चाहे कितनी भी तकलीफ दे पर सुकून उसी के पास मिलता है

अगर हम सुधर गए तो उनका क्या होगा जिनको हमारे पागलपन से प्यार है

मुद्दत के बाद जिन्दगी फिर से मुस्कुराने लगी है, किसी की धडकन हमें अपना बनाने लगी है...!!

उससे बढ़कर मेरी खुशी क्या है, तुम सलामत रहो कमी क्या है,

यूँ तो शिकायते तुझ से सैंकड़ों हैं मगर, तेरी एक मुस्कान ही काफी है सुलह के लिये.

बस जाते हैं दिल में इजाज़त लिए बगैर, वो जिन्हें हम ज़िन्दगी भर पा नहीं सकते |

प्यार भी कितना अजीब होता है न, वो चाहे कितनी भी तकलीफ दे पर सुकून उसी के पास मिलता है

अगर हम सुधर गए तो उनका क्या होगा जिनको हमारे पागलपन से प्यार है

मुद्दत के बाद जिन्दगी फिर से मुस्कुराने लगी है, किसी की धडकन हमें अपना बनाने लगी है...!!

उससे बढ़कर मेरी खुशी क्या है, तुम सलामत रहो कमी क्या है,